1 इतिहास

इतिहास की पहली पुस्तक

 

अध्याय 1

नूह के लिए आदम की वंशावली - येपेत की सन्तान - हाम की सन्तान - शेम की सन्तान - शेम की सन्तान अब्राहम से - इब्राहीम की सन्तान।

1 आदम, शेत, एनोश।

2 केनान, महललेल, येरेद,

3 हनोक, मतूशेलह, लेमेक,

4 नूह, शेम, हाम और येपेत।

5 येपेत के पुत्र; गोमेर, और मागोग, और मदै, और यावान, और तूबल, और मेशेक, और तिरास।

6 और गोमेर की सन्तान; अशकनज, रिपत, और तोगर्मा।

7 और यावान के पुत्र; एलीशा, और तर्शीश, कित्ती, और दोदानी।

8 हाम के पुत्र; कूश, मिजरैम, पूत और कनान।

9 और कूश के पुत्र; सबा, हवीला, सबता, रामा, और सब्तका। और रामा के पुत्र; शेबा, और ददान।

10 और कूश से निम्रोद उत्पन्न हुआ; वह पृथ्वी पर पराक्रमी होने लगा।

11 और मिजरैम से लुदीम, अनामीम, लहाबीम, और नप्तूहीम उत्पन्न हुए।

12 और परह्रुसीम, और कसलूहीम (जिनमें से पलिश्ती आए) और कप्तोरीम।

13 और कनान से उसका जेठा सीदोन, और हेत उत्पन्न हुआ,

14 यबूसी, और एमोरी, और गिर्गाशी,

15 और हिव्वी, अर्की, और सीनी,

16 और अर्वादी, समारी, और हमाती।

17 शेम के पुत्र; एलाम, अश्शूर, अर्पक्षद, लूद, अराम, ऊस, हूल, गेतेर, और मेशेक।

18 अर्पक्षद से शेला, और शेला से एबेर उत्पन्न हुआ।

19 और एबेर के दो पुत्र उत्पन्न हुए; एक का नाम पेलेग था; क्‍योंकि उसके दिनोंमें पृय्‍वी बांटी गई थी; और उसके भाई का नाम योक्तान था।

20 और योक्तान से अल्मोदाद, शेलेप, हसरमावेत, और जेरह उत्पन्न हुए।

21 हदोराम, ऊजाल, दिक्ला,

22 और एबाल, अबीमाएल, शेबा,

23 और ओपीर, हवीला, और योबाब। ये सब योक्तान के पुत्र थे।

24 शेम, अर्पक्षद, शेला,

25 एबेर, पेलेग, रू,

26 सरूग, नाहोर, तेरह,

27 अब्राम; वही इब्राहीम है।

28 इब्राहीम की सन्तान; इसहाक, और इश्माएल।

29 उनकी पीढ़ी ये ही हैं; इश्माएल का जेठा नबायोत; फिर केदार, अदबील, मिबसाम,

30 मिस्मा, दूमा, मस्सा, हदद और तेमा,

31 यतूर, नपीश, और केदमा। इश्माएल के पुत्र हैं।

32 अब इब्राहीम की रखेली कतूरा के पुत्र; उससे जिम्रान, योक्षान, मेदान, मिद्यान, इश्बाक और शूआ उत्पन्न हुए। और योक्शान के पुत्र; शेबा, और ददान।

33 और मिद्यान के पुत्र; एपा, एपेर, हनोक, अबीदा, एलदा। ये सब कतूरा के पुत्र हैं।

34 और इब्राहीम से इसहाक उत्पन्न हुआ। इसहाक के पुत्र; एसाव और इज़राइल।

35 एसाव के पुत्र; एलीपज, रूएल, यूश, यालाम, और कोरह।

36 एलीपज के पुत्र; तेमान, ओमर, सफी, गतम, कनज, तिम्ना, और अमालेक।

37 रूएल के पुत्र; नहत, जेरह, शम्मा और मिज्जा।

38 और सेईर के पुत्र; लोतान, शोबाल, सिबोन, अना, दीशोन, एसर, और दीशान।

39 और लोतान के पुत्र; होरी, और होमान; और तिम्ना लोतान की बहन थी।

40 शोबाल के पुत्रा; अलियान, और मानहत, और एबाल, शफी, और ओनाम। और सिबोन के पुत्रा; अय्याह, और अना।

41 अना के पुत्र; डिशोन। और दीशोन के पुत्र; अम्राम, एशबान, यित्रान, और करान।

42 एसेर के पुत्र; बिल्हान, और जावन, और याकान। दीशान के पुत्र; उज़, और अरन।

43 इस्त्राएलियों पर किसी राजा के राज्य करने से पहिले जो राजा एदोम देश में राज्य करता या, वह ये ही हैं; बोर का पुत्र बेला; और उसके नगर का नाम दिन्हाबा था।

44 और जब बेला मर गया, तब बोस्रा के जेरह का पुत्र योबाब उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

45 और जब योबाब मर गया, तब तेमानियोंके देश का हूशाम उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

46 जब हूशाम मर गया, तब बदद का पुत्र हदद, जिस ने मोआब के मैदान में मिद्यानियोंको मारा या, उसके स्थान पर राज्य करने लगा; और उसके नगर का नाम अवीत था।

47 और जब हदद मर गया, तब मसरेका का सम्ला उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

48 और जब समाला मर गया, तब महानद के किनारे रहोबोत का शाऊल उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

49 और जब शाऊल मर गया, तब अकबोर का पुत्र बाल्हानान उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

50 और जब बाल्हानान मर गया, तब हदद उसके स्थान पर राज्य करने लगा; और उसके नगर का नाम पई था; और उसकी पत्नी का नाम महेतबेल था, जो मेज़हाब की बेटी मत्रेद की बेटी थी।

51 हदद भी मर गया। और एदोम के प्रधान थे; ड्यूक तिम्ना, ड्यूक अलियाह, ड्यूक जेतेत,

52 ड्यूक अहोलीबामा, ड्यूक एला, ड्यूक पिनोन,

53 ड्यूक केनाज़, ड्यूक तेमान, ड्यूक मिब्ज़ार,

54 ड्यूक मैग्डील, ड्यूक इरम। ये एदोम के प्रधान हैं।


अध्याय 2

इज़राइल और उसकी वंशावली।

1 इस्त्राएल की सन्तान ये हैं; रूबेन, शिमोन, लेवी, यहूदा, इस्साकार, और जबूलून,

2 दान, यूसुफ, और बिन्यामीन, नप्ताली, गाद, और आशेर।

3 यहूदा के पुत्र; एर, ओनान, शेला; और उसके तीन कनानी शूआ की बेटी से उत्पन्न हुए। और यहूदा का जेठा एर यहोवा की दृष्टि में बुरा या; और उसने उसे मार डाला।

4 और उसकी बहू तामार से फरीस और जेरह उत्पन्न हुए। यहूदा के सभी पुत्र पाँच थे।

5 फ्रेज़ के पुत्रा; हेस्रोन, और हमुल।

6 और जेरह की सन्तान; जिम्री, एतान, हेमान, कलकोल, और दारा; उनमें से कुल पांच।

7 और कर्म्मी के पुत्र; आचार, इस्राएल का संकटमोचक, जिस ने शापित की बात का उल्लंघन किया।

8 और एतान की सन्तान; अजरिया।

9 हेस्रोन के जो पुत्र उत्पन्न हुए; यरहमेल, और राम, और चेलूबै।

10 और राम से अम्मीनादाब उत्पन्न हुआ; और अम्मीनादाब से यहूदा के वंश का प्रधान नहशोन उत्पन्न हुआ;

11 और नहशोन से सलमा, और सलमा से बोअज,

12 और बोअज से ओबेद, और ओबेद से यिशै उत्पन्न हुआ।

13 और यिशै से उसका जेठा एलीआब, और दूसरा अबीनादाब, और तीसरा शिम्मा उत्पन्न हुआ,

14 चौथा नतनेल, पांचवां रद्दै,

15 छठा ओसेम, सातवां दाऊद;

16 जिनकी बहिनें सरूयाह और अबीगैल थीं। और सरूयाह के पुत्र; अबीशै, योआब, असाहेल, तीन।

17 और अबीगैल से अमासा उत्पन्न हुआ; और अमासा का पिता इश्माएली येतेर या।

18 और हेस्रोन के पुत्र कालेब से उसकी पत्नी अजूबा और यरीओत उत्पन्न हुए; उसके ये पुत्र हैं; येशेर, और शोबाब, और अर्दोन।

19 और जब अजूबा मर गया, तब कालेब ने एप्रात को, जिस से हूर उत्पन्न हुआ था, ले लिया।

20 और हूर से ऊरी, और ऊरी से बसलेल उत्पन्न हुआ।

21 इसके बाद हेस्रोन गिलाद के पिता माकीर की बेटी के पास गया, जिस से उस ने साठ वर्ष की अवस्था में ब्याह कर लिया; और उस से सगूब उत्पन्न हुआ।

22 और सगूब से याईर उत्पन्न हुआ, जिसके गिलाद देश में साढ़े तीन नगर थे।

23 और उसने गशूर और अराम को, और याईर के नगरों समेत, उन से कनात, और उसके नगरों समेत साठ नगर ले लिए। ये सब गिलाद के पिता माकीर के वंश के थे।

24 और जब हेस्रोन कालेब-एप्राता में मर गया, तब अबिय्याह हस्रोन की पत्नी से तकोआ का पिता अशूर उत्पन्न हुआ।

25 और हेस्रोन के जेठे यरहमेल के पुत्र थे, अर्यात् पहिलौठा राम, और बूना, ओरेन, ओसेम, और अहिय्याह।

26 यरहमेल की एक और पत्नी थी, जिसका नाम अतरा था; वह ओणम की माता थीं।

27 और यरहमेल के जेठे राम के पुत्र थे, अर्यात् मास, यामीन, और एकेर।

28 और ओनाम के पुत्र थे, शम्मै, और यदा। और शम्मै के पुत्र; नादाब, और अबीशूर।

29 और अबीशूर की पत्नी का नाम अबीहैल था, और उस से अहबान और मोलीद उत्पन्न हुए।

30 और नादाब के पुत्र; सेलेद, और अप्पैम; लेकिन सेलेड बच्चों के बिना मर गया।

31 और अप्पैम की सन्तान; ईशी। और यिशी के पुत्र; शेषन। और शेशान की सन्तान; अहलाई।

32 और शम्मै के भाई यदा के पुत्र; येतेर, और योनातान; और यतेर बिना सन्तान मर गया।

33 और योनातान के पुत्र; पेलेथ, और ज़ाज़ा। ये यरहमेल के पुत्र थे।

34 अब शेशान के कोई पुत्र नहीं, परन्तु बेटियाँ थीं। और शेशान का एक मिस्री दास या, जिसका नाम यरहा था।

35 और शेशान ने अपके दास यरहा को अपक्की बेटी ब्याह दी; और उस ने उसे अत्तै उत्पन्न किया।

36 और अत्तै से नातान, और नातान से जाबाद,

37 और जाबाद से एफ़ील और एफ़ील से ओबेद उत्पन्न हुआ,

38 और ओबेद से येहू उत्पन्न हुआ, और येहू से अजर्याह उत्पन्न हुआ,

39 और अजर्याह से हेलेज़ उत्पन्न हुआ, और हेलेज़ से एलासा उत्पन्न हुआ,

40 और एलासा से सीसामै, और सीसामै से शल्लूम,

41 और शल्लूम से यकाम्याह उत्पन्न हुआ, और यकम्याह से एलीशामा उत्पन्न हुआ।

42 यरहमेल के भाई कालेब के ये पुत्र हुए, अर्थात उसका जेठा मेशा जो जीप का पिता या; और मारेशा के पुत्र हेब्रोन के पिता थे।

43 और हेब्रोन के पुत्र; कोरह, तप्पूह, रेकेम, शेमा।

44 और शेमा से योरकोआम का पिता रहम उत्पन्न हुआ; और रेकेम से शम्मै उत्पन्न हुआ।

45 और शम्मै का पुत्र माओन हुआ; और माओन बेतसूर का पिता था।

46 और कालेब की रखैल एपा से हारान, मोसा और गाजेज उत्पन्न हुए; और हारान से गाजेज उत्पन्न हुआ।

47 और यहदै के पुत्र; रेगेम, योताम, गेशाम, पेलेत, एपा, और शाप।

48 कालेब की रखैल माका से शेबेर और तिरहाना उत्पन्न हुए।

49 उस से मदमन्ना का पिता शाप, मकबेना का पिता शेवा, और गिबा का पिता उत्पन्न हुआ; और कालेब की बेटी अकस्सा थी।

50 ये एप्राता के जेठे हूर के पुत्र कालेब के पुत्र थे; किर्यत्यारीम का पिता शोबाल।

51 बेतलेहेम का पिता सल्मा, बेतगदेर का पिता हारेप।

52 और किर्यत्यारीम के पिता शोबाल के पुत्र हुए; हारोए और आधे मनहेती।

53 और किर्यत्यारीम के कुल; यित्री, पूही, शूमाती, और मिश्री; उनमें से सारती, और एश्ताउली आए।

54 सल्मा के पुत्र; बेतलेहेम, नतोपावासी, अतरोत, योआब का घराना, और आधे मनहेती, सोरी।

55 और शास्त्रियों के कुल जो याबेस में रहते थे; तीरती, शिमाती, और सूकाती। रेकाब के घराने के पिता हेमत से आए केनी ये ही हैं।


अध्याय 3

दाऊद के वंशज - सिदकिय्याह के लिए उसका वंश - यकोन्याह के उत्तराधिकारी।

1 दाऊद के ये पुत्र हुए जो हेब्रोन में उत्पन्न हुए; अहीनोअम यिज्रेली स्त्री अम्नोन का जेठा; दूसरा दानिय्येल, कर्मेलवासी अबीगैल का;

2 तीसरा, माका का पुत्र अबशालोम, जो गशूर के राजा तल्मै की बेटी थी; चौथा हग्गीत का पुत्र अदोनिय्याह;

3 अबीतल का पांचवां शपत्याह; छठा, यित्राम, उसकी पत्नी एग्ला द्वारा।

4 उसके ये छ: हेब्रोन में उत्पन्न हुए; और वहां वह सात वर्ष छ: महीने राज्य करता रहा; और यरूशलेम में वह तैंतीस वर्ष तक राज्य करता रहा।

5 और उसके ये यरूशलेम में उत्पन्न हुए; शिमा, शोबाब, नातान, और सुलैमान, चार, अम्मीएल की बेटी बतशू में से;

6 इभार, एलीशामा, एलीपेलेत,

7 नोगा, नपेग, यापी,

8 एलीशामा, एल्यादा, एलीपेलेत, नौ।

9 रखेलियों के पुत्रों को छोड़ दाऊद के सब पुत्र ये थे, और उनकी बहिन तामार भी ये ही थीं।

10 और सुलैमान का पुत्र रहूबियाम, उसका पुत्र अबिया, उसका पुत्र आसा, उसका पुत्र यहोशापात,

11 उसका पुत्र योराम, उसका पुत्र अहज्याह, उसका पुत्र योआश,

12 उसका पुत्र अमस्याह, उसका पुत्र अजर्याह, उसका पुत्र योताम,

13 उसका पुत्र आहाज, उसका पुत्र हिजकिय्याह, उसका पुत्र मनश्शे,

14 उसका पुत्र आमोन, उसका पुत्र योशिय्याह।

15 और योशिय्याह के ये पुत्र हुए: जेठा योहानान, दूसरा यहोयाकीम, तीसरा सिदकिय्याह, चौथा शल्लूम।

16 और यहोयाकीम के पुत्र; उसका पुत्र यकोन्याह, उसका पुत्र सिदकिय्याह।

17 और यकोन्याह के पुत्रा; अस्सीर, उसका पुत्र सलातीएल,

18 मल्कीराम, पदायाह, शेनज़ार, यक़्याह, होशमा और नदब्याह।

19 और पदायाह के पुत्र जरूब्बाबेल और शिमी थे; और जरूब्बाबेल के पुत्र; मशुल्लाम, हनन्याह, और उनकी बहिन शलोमीत;

20 और हशूबा, ओहेल, बेरेक्याह, हसद्याह, यूशाबेसेद, पांच।

21 और हनन्याह के पुत्र; पलत्याह, और यशायाह; रपायाह की सन्तान, अर्नान की सन्तान, ओबद्याह की सन्तान, और शकन्याह की सन्तान।

22 और शकन्याह के पुत्रा; शमायाह; और शमायाह के पुत्र; हत्तूश, इगेल, बरिय्याह, नार्याह, और शापात, छ:।

23 और नार्याह के पुत्र; एल्योएनै, हिजकिय्याह, अज्रीकाम, तीन।

24 और एल्योएनै के पुत्र थे, होदैह, एल्याशीब, पलायाह, अक्कूब, योहानान, दल्याह, और अनानी, सात।  


अध्याय 4

यहूदा का वंश कालेब के द्वारा, अशूर का याबेस का शेला का, शिमोन का।

1 यहूदा के पुत्र; फिरेस, हेस्रोन, कर्म्मी, हूर, और शोबाल।

2 और शोबाल के पुत्र रेयाह से यहत उत्पन्न हुआ; और यहत से अहुमै और लहाद उत्पन्न हुए। सोरातियों के कुल ये ही हैं।

3 और ये एताम के पिता के थे; यिज्रेल, इश्मा, और इदबाश; और उनकी बहिन का नाम हज़ेलपोनी था;

4 और गदोर का पिता पनूएल, और हूशा का पिता एसेर। बेतलेहेम के पिता एप्राता के जेठा हूर के पुत्र ये ही हुए।

5 और तकोआ के पिता अशूर की दो स्त्रियां थीं, हेला और नारा।

6 और नारा से अहूजाम, हेपेर, तेमेनी, और हाशतारी उत्पन्न हुए। ये नारह के पुत्र थे।

7 और हेला के पुत्र ये थे, जेरेत, यासोअर, और एत्नान।

8 और कोज से अनुब, सोबेबा, और हारूम के पुत्र अहरहेल के कुल उत्पन्न हुए।

9 और याबेस अपके भाइयोंसे अधिक प्रतिष्ठित या; और उसकी माता ने उसका नाम याबेस रखा, और कहा, कि मैं उसको दु:ख के साथ सहता हूं।

10 और याबेस ने इस्राएल के परमेश्वर को पुकारकर कहा, भला होता, कि तू सचमुच मुझे आशीष देता, और मेरे तट को बड़ा करता, और अपना हाथ मेरे साथ रखता, और तू मुझे बुराई से बचाता, कि वह मुझे शोक न करे! और भगवान ने उसे वह दिया जो उसने अनुरोध किया था।

11 और शूआ के भाई कलूब से महीर उत्पन्न हुआ, जो एशतोन का पिता या।

12 और एश्टन से बेतरापा, पासेह और तहिन्ना उत्पन्न हुआ, जो इर्नाश का पिता था। ये रेका के लोग हैं।

13 और कनज के पुत्र; ओत्नीएल और सरायाह; और ओत्नीएल के पुत्र; हाथत।

14 और मओनोतै से ओप्रा उत्पन्न हुआ; और सरायाह से योआब उत्पन्न हुआ, जो चरशीम की तराई का पिता या; क्योंकि वे कारीगर थे।

15 और यपुन्ने के पुत्र कालेब के पुत्र; इरू, एला, और नाम; और एला के पुत्र कनज।

16 और यहलेएल के पुत्रा; जीप, जीपह, तिरिया और असरेल।

17 और एज्रा के पुत्र येतेर, मेरेद, एपेर, और यालोन थे; और उस से मरियम, और शम्मै, और एशतमो का पिता इश्बा उत्पन्न हुआ। 118 और उसकी पत्नी यहूदिय्याह से गदोर का पिता येरेद, और सोचो का पिता हेबेर, और जानोआ का पिता यकूतीएल उत्पन्न हुआ। और फिरौन की बेटी बित्याह के पुत्र ये हैं, जिन्हें मेरेद ने ले लिया।

19 और उसकी पत्नी के पुत्र होदिय्याह, जो नहाम की बहिन, और कीला गारमी का पिता, और एशतमो माकावासी था।

20 और शिमोन के पुत्र थे, अम्नोन, रिन्ना, बेन्हनान, और तिलोन। और यिशी के पुत्र थे, सोहेत, और बेन्जोहेत।

21 यहूदा के पुत्र शेलह के पुत्र ये थे, अर्यात् लेका का पिता एर, और मारेशा का पिता लादा, और अशब्या के घराने में से जो उत्तम मलमल गढ़ते थे उनके कुल के कुल थे।

22 और योकीम, और छोजेबा के लोग, और योआश, और साराप, जो मोआब में राज्य करते थे, और याशूबी-लेहेम। और ये प्राचीन चीजें हैं।

23 ये कुम्हार थे, और जो पेड़-पौधों और बाड़ों के बीच रहते थे; वहां वे राजा के काम के लिथे उसके पास रहे।

24 शिमोन के पुत्र थे, नमूएल, यामीन, यारीब, जेरह, और शाऊल;

25 उसका पुत्र शल्लूम, उसका पुत्र मिबसाम, उसका पुत्र मिश्मा।

26 और मिश्मा के पुत्र; उसका पुत्र हमूएल, उसका पुत्र जक्कूर, उसका पुत्र शिमी।

27 और शिमी के सोलह बेटे और छ: बेटियां हुई; परन्तु उसके भाइयोंके बहुत बच्चे न हुए, और न उनका सारा कुल यहूदा की सन्तान के समान बढ़ गया।

28 और वे बेर्शेबा, मोलादा, और हज़रशूल में रहने लगे,

29 और बिल्हा, एसेम, और तोलाद में,

30 और बतूएल, होर्माक, सिकलग में,

31 और बेतमर्काबोत, हसरसूसीम, बेतबिरेई और शारैम में। दाऊद के राज्य तक उनके ये नगर थे।

32 और उनके गांव थे, एताम, ऐन, रिम्मोन, तोकेन, और आशान, ये पांच नगर;

33 और बाल तक उन्हीं नगरोंके चारोंओर के सब गांव, जो बाल तक थे। ये उनके निवास स्थान और उनकी वंशावली थे।

34 और मशोबाब, जमलेक, अमस्याह का पुत्र योशा,

35 और योएल, और येहू, योशिब्याह का पुत्र, यह सरायाह का पुत्र, यह असीएल का पुत्र,

36 और एल्योएनै, याकोबा, सेशोहैयाह, असायाह, अदीएल, यसीमीएल, और बनायाह।

37 और सीसा, शिपी का पुत्र, यह अल्लोन का पुत्र, यह यदायाह का पुत्र, यह शिमरी का पुत्र, यह शमायाह का पुत्र था;

38 ये ही अपके अपके अपके अपके घराने के हाकिम हुए; और उनके पुरखाओं का घराना बहुत बढ़ गया।

39 और वे गदोर के द्वार पर, तराई के पूर्व की ओर, अपक्की भेड़-बकरियोंके लिथे चरागाह ढूंढ़ने को गए।

40 और उन्हें अच्छी और अच्छी चराई मिली, और देश चौड़ा, और शांत, और मेल के योग्य था; क्योंकि वे पुराने समय से हाम के रहनेवाले थे।

41 और यहूदा के राजा हिजकिय्याह के दिनोंमें ये नाम लिखे हुए थे, और उनके डेरे और जो निवास वहां पाए गए उन्हें घात करके आज तक सत्यानाश कर डाला, और उनकी कोठरियोंमें रहने लगे; क्योंकि वहाँ उनकी भेड़-बकरियों के लिए चरागाह थी।

42 और उन में से कितने शिमोन के वंश में से पांच सौ पुरूष अपके अपके अपके प्रधान पलत्याह, नार्याह, रपायाह, और यिशी के पुत्र उज्जीएल को लेकर सेईर पर्वत को गए।

43 और जो अमालेकी बच गए थे, उन को उन्होंने मार लिया, और आज तक वहीं रहते हैं।  


अध्याय 5

रूबेन के वंश को बन्धुआई तक ले जाना — गाद के प्रधान पुरुष — रूबेन, गाद, और मनश्शे के आधे भाग की गिनती और विजय—उनकी बंधुआई।

1 इस्त्राएल के जेठे रूबेन के पुत्र, जो जेठा तो था, परन्तु जब उसने अपके पिता के बिछौने को अशुद्ध किया, तो उसका पहिलौठा अधिकार इस्राएल के पुत्र यूसुफ के पुत्रोंको दिया गया, और उसकी वंशावली यह है, जन्मसिद्ध अधिकार के बाद नहीं माना जाएगा।

2 क्योंकि यहूदा अपके भाइयोंसे अधिक प्रबल हुआ, और उसी में से प्रधान प्रधान हुआ; परन्तु जन्मसिद्ध अधिकार यूसुफ का था;)

3 मैं कहता हूं, कि इस्राएल के जेठे रूबेन के पुत्र थे, हनोक, पल्लू, हेस्रोन और कर्म्मी।

4 योएल के पुत्रा; उसका पुत्र शमनयाह, उसका पुत्र गोग, उसका पुत्र शिमी,

5 उसका पुत्र मीका, उसका पुत्र रेया, उसका पुत्र बाल,

6 उसका पुत्र बेरा, जिसे अश्शूर का राजा तिलगत्पिलनेसेर बन्धुआई में ले गया; वह रूबेनियों का प्रधान था।

7 और उनके परिवारों द्वारा उनके भाइयों, जब उनकी पीढ़ियों की वंशावली को माना गया था, प्रमुख, जिएल, और जकर्याह थे,

8 और नबो और बालमोन तक बेला, जो अरोएर में रहता या, यह अजाज का पुत्र, यह शेमा का पुत्र, यह योएल का पुत्र था;

9 और पूर्व की ओर वह परात नदी के पास से जंगल में प्रवेश करने तक बसा रहा; क्‍योंकि उनके पशु गिलाद देश में बहुत बढ़ गए थे।

10 और शाऊल के दिनों में उन्होंने उन हगारियों से जो उनके हाथ से मारे गए थे युद्ध किया; और वे गिलाद के सारे पूर्व देश में अपके अपके डेरे में रहने लगे।।

11 और गादी उनके साम्हने सल्का तक बाशान के देश में रहने लगे;

12 प्रधान योएल, और अगला शापाम, और यानै, और बाशान में शापात।

13 और उनके अपके पितरोंके घरानोंमें से ये थे, कि मीकाएल, मशुल्लाम, शेबा, योरै, याकान, सिया, और हेबेर, सात थे।

14 ये अबीहैल के पुत्र, यह हूरी का पुत्र, यह यारोआह का पुत्र, यह गिलाद का पुत्र, यह माइकल का पुत्र, यह मीकाएल का पुत्र, यह यशीशै का पुत्र, यह यहोदो का पुत्र, यह बूज का पुत्र था;

15 अब्दीएल का पुत्र अही, जो गूनी का पुत्र था, जो उनके पितरोंके घराने का प्रधान था।

16 और वे गिलाद के बाशान में, और उसके नगरोंमें, और शारोन के सब उपनगरोंमें अपके सिवाने पर रहने लगे।।

17 ये सब यहूदा के राजा योताम के दिनों में, और इस्राएल के राजा यारोबाम के दिनोंमें वंशावली के अनुसार गिने गए।

18 रूबेन के पुत्र, गादी, और मनश्शे के आधे गोत्र के शूरवीर, जो कमरबंद और तलवार धरने, और धनुष बान्धने, और युद्ध करने में निपुण थे, वे साढ़े चार लाख सात सौ साठ थे। जो युद्ध के लिए निकला था।

19 और उन्होंने हगारियोंसे यतूर, नपीश, और नोदाब से युद्ध किया।

20 और उनके साम्हने उनकी सहायता की गई, और हगारियोंऔर जितने उनके संग थे वे सब उनके वश में कर दिए गए; क्योंकि उन्होंने युद्ध में परमेश्वर की दोहाई दी, और उस ने उन से बिनती की; क्‍योंकि उन्‍होंने उस पर भरोसा रखा है।

21 और वे उनके पशुओं को ले गए; उनके ऊँटों में से पचास हजार, और भेड़-बकरियों में से दो लाख पचास हजार, और गदहों में से दो हजार, और मनुष्यों में से एक लाख।

22 क्योंकि युद्ध परमेश्वर की ओर से होने के कारण बहुत से लोग मारे गए। और वे बन्धुआई तक अपके स्थान पर रहे।

23 और मनश्शे के आधे गोत्र के लोग उस देश में रहने लगे; वे बाशान से बालहेर्मोन और सेनीर और हेर्मोन पर्वत तक बढ़ते गए।

24 और अपके पितरोंके घरानोंके मुख्य मुख्य पुरूष ये थे, अर्यात् एपेर, यिशी, एलीएल, अज्रीएल, यिर्मयाह, होदव्याह, और यहदीएल, जो शूरवीर, प्रसिद्ध और अपके पितरोंके घरानोंके मुख्य पुरुष थे। .

25 और वे अपके पितरोंके परमेश्वर का उल्लंघन करके उस देश की प्रजा के देवताओं के पीछे व्यभिचार करने लगे, जिन्हें परमेश्वर ने उन से पहिले नाश किया था।

26 और इस्राएल के परमेश्वर ने अश्शूर के राजा पुल, और अश्शूर के राजा तिलगत-पिलनेसेर के मन को उभारा, और रूबेनियों, गादियों, और मनश्शे के आधे गोत्र को भी दूर ले जाकर ले आया; हलाह, हाबोर, हारा और गोजान नदी तक वे आज तक हैं।  


अध्याय 6

लेवी के पुत्रा हारून का पद, और उसका वंश अहीमास तक, अर्थात याजकोंऔर लेवियोंके नगर।

1 लेवी के पुत्र; गेर्शोन, कहात और मरारी।

2 और कहात के पुत्र; अम्राम, यिसहार, और हेब्रोन, और उज्जीएल।

3 और अम्राम की सन्तान; हारून, और मूसा, और मरियम। हारून के पुत्र भी; नादाब और अबीहू, एलीआजर और ईतामार।

4 एलीआजर से पीनहास, और पीनहास से अबीशू उत्पन्न हुआ।

5 और अबीशू से बुक्की, और बक्की से उज्जी उत्पन्न हुआ।

6 और उज्जी से जरह्याह और जरह्याह से मरायोत उत्पन्न हुआ।

7 मरायोत से अमर्याह, और अमर्याह से अहीतूब,

8 और अहीतूब से सादोक, और सादोक से अहीमास उत्पन्न हुआ,

9 और अहीमास से अजर्याह, और अजर्याह से योहानान उत्पन्न हुआ,

10 और योहानान से अजर्याह उत्पन्न हुआ; (उसी ने उस मन्दिर में याजक का काम किया, जिसे सुलैमान ने यरूशलेम में बनवाया था;)

11 और अजर्याह से अमर्याह, और अमर्याह से अहीतूब,

12 और अहीतूब से सादोक, और सादोक से शल्लूम,

13 और शल्लूम से हिल्किय्याह, और हिल्किय्याह से अजर्याह,

14 और अजर्याह से सरायाह, और सरायाह से यहोसादाक,

15 और जब यहोवा यहूदा और यरूशलेम को नबूकदनेस्सर के हाथ से ले गया, तब यहोसादाक बंधुआई में चला गया।

16 लेवी के पुत्र; गेर्शोम, कहात और मरारी।

17 और गेर्शोम के पुत्रों के नाम ये हैं; लिबनी, और शिमी।

18 और कहात के पुत्र थे, अम्राम, यिसहार, हेब्रोन, और उज्जीएल।

19 मरारी के पुत्र; महली, और मुशी। और लेवियोंके कुल अपके पितरोंके अनुसार ये हैं;

20 गेर्शोम का; उसका पुत्र लिब्नी, उसका पुत्र यहत, उसका जिम्मा उसका पुत्र,

21 उसका पुत्र योआह, उसका पुत्र इद्दो, उसका जेरह पुत्र, उसका पुत्र यतेरै।

22 कहात के पुत्र; उसका पुत्र अम्मीनादाब, उसका पुत्र कोरह, उसका पुत्र अस्सीर।

23 उसका पुत्र एल्काना, और उसका पुत्र एब्यासाप, और उसका पुत्र अस्सीर,

24 उसका पुत्र तहत, उसका पुत्र ऊरीएल, उसका पुत्र उज्जिय्याह और उसका पुत्र शाऊल।

25 और एल्काना के पुत्र, अमासै, और अहीमोत।

26 एल्काना; एल्काना के पुत्र; उसका पुत्र सोफै, और उसका पुत्र नहत,

27 उसका पुत्र एलीआब, उसका पुत्र यरोहाम, उसका पुत्र एल्काना।

28 और शमूएल के पुत्र; जेठा वशनी, और अबिय्याह।

29 मरारी के पुत्र; महली, उसका पुत्र लिब्नी, उसका शिमी, उसका पुत्र उज्जा,

30 उसका पुत्र शिमा, उसका पुत्र हग्गिय्याह, उसका पुत्र असायाह।

31 और वे वे हैं जिन्हें दाऊद ने सन्दूक के विश्राम के बाद यहोवा के भवन में गाने की सेवा के लिये ठहराया या।

32 और जब तक सुलैमान ने यरूशलेम में यहोवा का भवन न बनाया, तब तक वे मिलापवाले तम्बू के निवासस्थान के साम्हने जयजयकार करते रहे; और तब वे अपके आदेश के अनुसार अपके दफ़्तर में प्रतीक्षा करने लगे।

33 और ये वे हैं जो अपके बालकोंके संग बाट जोहते थे। कहातियों के वंश में से; हेमान गवैया, और योएल का पुत्र, और शमूएल का पुत्र,

34 एल्काना का पुत्र, यह यरोहाम का पुत्र, यह एलीएल का पुत्र, यह तोआ का पुत्र था,

35 यह सूप का पुत्र, यह एल्काना का पुत्र, यह महत का पुत्र, यह अमासै का पुत्र,

36 यह एल्काना का पुत्र, यह योएल का पुत्र, यह अजर्याह का पुत्र, यह सपन्याह का पुत्र,

37 यह तहत का, यह अस्सीर का, यह एब्यासाप का, यह कोरह का।

38 यह यिसहार का पुत्र, यह कहात का पुत्र, यह लेवी का पुत्र, यह इस्राएल का पुत्र था।

39 और उसका भाई आसाप, जो उसकी दहिनी ओर खड़ा या, अर्यात् बराक्याह का पुत्र और शिमा का पोता आसाप,

40 मीकाएल का पुत्र, बसेयाह का, यह मल्किय्याह का,

41 यह एत्नी का पुत्र, यह जेरह का पुत्र, यह अदायाह का पुत्र,

42 यह एतान का पुत्र, यह जिम्मा का पुत्र, यह शिमी का पुत्र,

43 यह यहत का पुत्र, यह गेर्शोम का पुत्र, यह लेवी का पुत्र था।

44 और उनके भाई मरारी के पुत्र बायीं ओर खड़े हुए; एतान, किशी का पुत्र, अब्दी का पुत्र, और मल्लूक का पुत्र,

45 हशब्याह का पुत्र, यह अमस्याह का पुत्र, यह हिल्किय्याह का पुत्र,

46 अम्सी का पुत्र, यह बानी का पुत्र, यह शमेर का पुत्र,

47 महली का पुत्र, मूशी का पुत्र, यह मरारी का पुत्र, यह लेवी का पुत्र था।

48 उनके भाई लेवीय भी परमेश्वर के भवन के निवास की सब प्रकार की सेवा के लिये नियुक्‍त किए गए।

49 और हारून और उसके पुत्र होमबलि की वेदी, और धूप की वेदी पर चढ़ाए गए, और उस सब काम के लिथे जो परमपवित्र स्थान का हो, और इस्राएल के लिथे प्रायश्चित्त करने के लिथे ठहराया गया, जिस से सब कुछ मूसा के दास के अनुसार हो। भगवान की आज्ञा दी थी।

50 और हारून के पुत्र ये हैं; उसका पुत्र एलीआजर, उसका पुत्र पीनहास, उसका पुत्र अबीशू,

51 उसका पुत्र बुक्की, उसका पुत्र उज्जी, उसका पुत्र जरह्याह,

52 उसका पुत्र मरायोत, उसका पुत्र अमर्याह, उसका पुत्र अहीतूब,

53 उसका पुत्र सादोक, उसका पुत्र अहीमास।

54 और कहातियोंके कुलोंमें से हारून की सन्तान, अपके अपके अपके गढ़ोंमें अपके अपके निवास स्थान ये हैं; उनके लिए बहुत कुछ था।

55 और उन्होंने उन्हें यहूदा देश में हेब्रोन और उसके चारोंओर के चरागाह दिए।

56 परन्तु नगर के खेत और उसके गांव यपुन्ने के पुत्र कालेब को दे दिए गए।

57 और हारून के पुत्रोंको उन्होंने यहूदा के नगर दिए, अर्यात् शरण नगर हेब्रोन, और लिब्ना और उसके चरागाह, और यत्तीर, और एशतमोआ, और उनके चरागाह,

58 और हिलेन और उसके चरागाह, दबीर और उसके चरागाह,

59 और आशान और उसके चरागाह, और बेतशेमेश और उसके चरागाह;

60 और बिन्यामीन के गोत्र में से; गेबा और उसके चरागाह, और आलेमेत और उसके चरागाह, और अनातोत और उसके चरागाह। उनके कुलों में से उनके सब नगर तेरह नगर थे।

61 और कहात के पुत्रोंको, जो उस गोत्र के कुल में से बचे हुए थे, आधे गोत्र में से मनश्शे के आधे गोत्र में से चिट्ठी डालकर दस नगर दिए गए।

62 और गेर्शोम के वंश में से इस्साकार के गोत्र में से, और आशेर के गोत्र में से, और नप्ताली के गोत्र में से, और बाशान में मनश्शे के गोत्र में से, तेरह नगर।

63 और रूबेन के गोत्र में से, और गाद के गोत्र में से, और जबूलून के गोत्र में से, मरारियोंके कुलोंमें से चिट्ठी डालकर बारह नगर दिए गए।

64 और इस्त्राएलियोंने लेवियोंको अपके चराइयोंसमेत ये नगर दिए।

65 और उन्होंने यहूदा के गोत्र में से, और शिमोन के गोत्र में से, और बिन्यामीनियोंके गोत्र में से, ये नगर जो उनके नाम से कहे जाते हैं, दिए।

66 और कहातियोंके कुलोंके बचे हुओं के पास एप्रैम के गोत्र में से अपके अपके अपके भाग के नगर थे।

67 और उन्होंने एप्रैम के पहाड़ी देश का शकेम, अर्यात् शरण नगरोंमें से अपक्की चराइयोंसमेत उन्हें दिया; उन्होंने उसके चरागाहों समेत गेजेर को भी दिया,

68 योकमाम और उसके चरागाह, और बेथोरोन और उसके चरागाह,

69 और अय्यालोन और उसके चरागाह, और गत-रिम्मोन और उसके चरागाह;

70 और मनश्शे के आधे गोत्र में से; कहात के बचे हुओं के कुल के लिथे आनेर अपके चराइयों समेत, और बिलाम और उसके चरागाह।

71 मनश्शे के आधे गोत्र के कुल में से गेर्शोमियोंको बशान में गोलान और उसके चरागाहों समेत अश्तारोत और उसके चरागाह दिए गए;

72 और इस्साकार के गोत्र में से; केदेश और उसके चरागाह, दबेरत और उसके चरागाह,

73 और रामोत और उसके चरागाह, और अनेम और उसके चरागाह;

74 और आशेर के गोत्र में से; माशाल और उसके चरागाह, और अब्दोन और उसके चरागाह,

75 और हूकोक और उसके चरागाह, और रहोब और उसके चरागाह;

76 और नप्ताली के गोत्र में से; गलील में केदेश और उसके चरागाह, और हम्मोन और उसके चरागाह, और किर्यतैम और उसके चरागाह।

77 और मरारियों को जबूलून के गोत्र में से रिम्मोन और उसके चरागाह, ताबोर और उसके चरागाह दिए गए;

78 और रूबेन के गोत्र में से यरीहो के पास यरदन के पास, जो यरदन के पूर्व की ओर है, उन्हें दिया गया;

79 केदेमोत और उसके चरागाह, और मेपात और उसके चरागाह;

80 और गाद के गोत्र में से; गिलाद में रामोत और उसके चरागाह, और महनैम और उसके चरागाह,

81 और हेशबोन और उसके चरागाह, और याजेर और उसके चरागाह।  


अध्याय 7

इस्साकार के पुत्र, बिन्यामीन, नप्ताली, मनश्शे, और एप्रैम - एप्रैम की विपत्ति - बरीआ पैदा हुई - आशेर के पुत्र।

1 इस्साकार के पुत्र थे, तोला, पूआ, याशूप, और शिम्रोम, ये चार थे।

2 और तोला के पुत्र; तोला में से उज्जी, रपायाह, यरीएल, यहमै, यिबसाम, और शमूएल, जो अपके पितरोंके घरानोंके मुख्य पुरूष थे; वे पीढ़ी पीढ़ी में वीर थे; जिनकी गिनती दाऊद के दिनों में बाईस हजार छ: सौ थी।

3 और उज्जी के पुत्र यिज्रह्याह; और यिज्र्याह के पुत्रा; मीकाएल, ओबद्याह, योएल, यिशिय्याह, पांच; वे सभी प्रमुख पुरुष।

4 और उनके संग अपके अपके पितरोंके घरानोंके अनुसार अपके अपके अपके अपके पितरोंके घरानोंके अनुसार युद्ध करने के लिथे छ: तीस हजार पुरूष थे; क्योंकि उनकी बहुत सी पत्नियाँ और पुत्र थे।

5 और उनके भाई इस्साकार के सब कुलोंमें से शूरवीर थे, और अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके वंश की वंशावली के अनुसार साठ सात हजार हैं।

6 बिन्यामीन के पुत्र; बेला, और बेकेर, और यदीएल, तीन।

7 और बेला के पुत्र; एसबोन, उज्जी, उज्जीएल, यरीमोत, और इरी, पांच; अपके पितरोंके घरानोंके मुख्य पुरुष वीर शूरवीर हैं; और उनके वंश के अनुसार बाईस हजार चौंतीस गिने गए।

8 और बेकेर के पुत्र; जमीरा, योआश, एलीएजेर, एल्योएनै, ओम्री, यरीमोत, अबिय्याह, अनातोत, और अलामेत। ये सब बेकेर के पुत्र हैं।

9 और उनमें से संख्या, उनकी पीढ़ियों द्वारा उनकी वंशावली के बाद, उनके पिता के घर के प्रमुख, वीरता के शक्तिशाली पुरुष, बीस हजार और दो सौ थे।

10 यदीएल के पुत्र भी; बिल्हान; और बिल्हान के पुत्र; यूश, बिन्यामीन, एहूद, कनाना, जेतान, तर्शीश और अहीशहर।

11 ये सब यदीएल के पुत्र अपके पितरोंके घरानोंके अनुसार अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके पुरखाओं के अनुसार सत्तर हजार दो सौ शूरवीर थे, जो युद्ध और लड़ने के लिथे जाने के योग्य थे।

12 शुप्पीम, और ईर की सन्तान हुप्पीम, और आहेर की सन्तान हूशीम।

13 नप्ताली के पुत्र; यहजीएल, गूनी, याजेर, और शल्लूम, जो बिल्हा के पुत्र थे।

14 मनश्शे के पुत्र; Ashriel, जिसे वह नंगी; (परन्तु उसकी उपपत्नी अरामी स्त्री से गिलाद का पिता माकीर उत्पन्न हुआ;

15 और माकीर ने हुप्पीम और शुप्पीम की बहिन को ब्याह लिया, जिसकी बहिन का नाम माका था;) और दूसरे का नाम सलोफाद था; और सलोफाद की बेटियां थीं।

16 और माकीर की पत्नी माका के एक पुत्र उत्पन्न हुआ, और उस ने उसका नाम परेश रखा; और उसके भाई का नाम शेरेश था; और उसके पुत्र ऊलाम और राकेम थे।

17 और ऊलाम के पुत्र; बदन। ये गिलाद के पुत्र थे, जो मनश्शे के पुत्र माकीर के पुत्र थे।

18 और उसकी बहिन हम्मोलेकेत से ईशोद, अबीएजेर, और महला उत्पन्न हुए।

19 और शमीदा के पुत्र थे, अहयान, शकेम, लेखी और अन्याम।

20 और एप्रैम के पुत्र; शूतेला, उसका पुत्र बेरेद, और उसका पुत्र तहत, और उसका पुत्र एलादा, और उसका पुत्र तहत,

21 और उसका पुत्र जाबाद, और उसका पुत्र शूतेला, और एसेर, और एलाद, जिन्हें गत के लोगोंने उस देश में जन्म लिया था, उन्हें घात किया, क्योंकि वे उनके पशु लेने को आए थे।

22 और उनका पिता एप्रैम बहुत दिन तक विलाप करता रहा, और उसके भाई उसे शान्ति देने आए।

23 और जब वह अपक्की पत्नी के पास गया, तब वह गर्भवती हुई, और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ, और उस ने उसका नाम बरीआ रखा, क्योंकि उसके घराने की दुर्गति हुई या।

24 (और उसकी बेटी शेरा थी, जिस ने नीचे के बेथोरोन, और ऊपरवाले को, और उज्जेनशेरा को दृढ़ किया।)

25 और उसका पुत्र रेपा, और रेशेप, और उसका पुत्र तेलह, और उसका पुत्र तहन,

26 उसका पुत्र लादान, उसका पुत्र अम्मीहूद, उसका पुत्र एलीशामा,

27 उसका पुत्र नहीं, उसका पुत्र यहोशूह।

28 और उनकी सम्पत्ति और निवास थे, अर्थात् बेतेल और उसके नगर, और पूर्व की ओर नारान, और पश्चिम की ओर गेजेर, और उसके नगर भी; शकेम और उसके नगर, गाजा और उसके नगरों तक;

29 और मनश्शे के वंश के सिवाने से लगे हुए बेतशान और उसके नगर, तानाक और उसके नगर, मगिद्दो और उसके नगर, और दोर और उसके नगर। इनमें इस्राएल के पुत्र यूसुफ के पुत्र रहते थे।

30 आशेर के पुत्र; इम्ना, इसुआह, इशुआ, और बरीआ, और उनकी बहन सेरा।

31 और बरीआ के पुत्र; हेबेर, और मल्कीएल, जो बिरज़ावीत का पिता है।

32 और हेबेर से यपलेत, और शोमेर, और होताम, और उनकी बहिन शू उत्पन्न हुई।

33 और यपलेत के पुत्र; पासक, बिम्हाल, और अश्वत। ये यपलेत की सन्तान हैं।

34 और शमेर के पुत्र; अही, और रोहगा, यहुब्बा, और अराम।

35 और उसके भाई हेलेम के पुत्र; सोपा, इम्ना, शेलेश, और अमल।

36 सोपा के पुत्र; सूआ, हरनेपेर, शूआल, बेरी, इम्रा,

37 बेसेर, होद, शम्मा, शिलशा, यित्रान, और बीरा।

38 और येतेर की सन्तान; यपुन्ने, पिस्पा और आरा।

39 और उल्ला के पुत्र; अरह, और हनील, और रजिया।

40 ये सब आशेर की सन्तान थे, जो अपके पितरोंके घरानोंके मुख्य पुरुष, और उत्तम और शूरवीर और हाकिमोंके प्रधान थे। और उनकी पूरी वंशावली में जो युद्ध और युद्ध के योग्य थे, वे छब्बीस हजार थे।  


अध्याय 8

बिन्यामीन के पुत्र, शाऊल और योनातान।

1 बिन्यामीन से उसका जेठा बेला, दूसरा अशबेल, और तीसरा अहाराह उत्पन्न हुआ,

2 चौथा नूह और पांचवां रापा।

3 और बेला के पुत्र थे, अद्दार, गेरा, और अबीहूद,

4 अबीशू, नामान, अहोआ,

5 गेरा, शफूफान, हूराम।

6 और एहूद के ये पुत्र हुए; गेबा के निवासियों के पितरों के मुख्य पुरूष ये ही हैं, और उन्हों ने उनको मानहत को पहुंचा दिया;

7 और नामान, अह्याह, और गेरा ने उनको दूर किया, और उज्जा और अहीहूद उत्पन्न हुए।

8 और मोआब देश के विदा होने के पश्चात् शाहरैम के और भी सन्तान उत्पन्न हुए; हूशीम और बारा उसकी पत्नियाँ थीं।

9 और उसके होदेश से उसकी पत्नी योबाब, और सीबिया, मेशा, और मल्काम उत्पन्न हुए,

10 और यूज, शकिया, और मिर्मा। ये उसके पुत्र थे, जो पितरों के प्रधान थे।

11 और हूशीम से उसके अबीतूब और एल्पाल उत्पन्न हुए।

12 एल्पाल के पुत्रा; एबेर, मीशाम, और शेम, जिस ने ओनो को और लोद को उसके नगरों समेत दृढ़ किया;

13 और बरीआ और शेमा, जो अय्यालोन के निवासियोंके पितरोंके घरानोंमें मुख्य मुख्य पुरूष या, और गत के निवासियोंको दूर भगाए;

14 और अहियो, शशाक, और यरेमोत,

15 और जबद्याह, अराद, आदेर,

16 और मीकाएल, इस्पा, और बरीआ के पुत्र योहा;

17 और जबद्याह, मशुल्लाम, हिजेकी, हेबेर,

18 इश्मारै, यिजलियाह, योबाब, जो एल्पाल के पुत्र थे;

19 और याकीम, जिक्री, और जब्दी,

20 और एलीएनै, जिल्तै, एलीएल,

21 और अदायाह, बरयाह, और शिम्रत, जो शिम्ही के पुत्र थे;

22 और ईशपान, हेबेर, एलीएल,

23 अब्दोन, जिक्री, हानान,

24 हनन्याह, एलाम, अन्तोतिय्याह,

25 और इफद्याह, और पनूएल, जो शशाक के पुत्र थे;

26 शमशेरै, शहर्याह, अतल्याह,

27 और यरेश्याह, एलियाह, और जिक्री, जो यरोहाम के पुत्र थे।

28 ये पिता के प्रमुख थे, उनकी पीढ़ियों, मुख्य पुरुषों द्वारा। ये यरूशलेम में रहते थे।

29 और गिबोन में गिबोन का पिता रहता या; जिसकी पत्नी का नाम माचा था;

30 और उसका जेठा पुत्र अब्दोन, सूर, कीश, बाल, और नादाब।

31 और गदोर, अह्यो, और जकेर।

32 और मिकलोत से शिमा उत्पन्न हुआ। और ये भी अपके भाइयोंके संग यरूशलेम में अपके साम्हने रहने लगे।

33 और नेर से कीश, कीश से शाऊल, और शाऊल से योनातान, मल्कीशुआ, अबीनादाब और एशबाल उत्पन्न हुए।

34 और योनातान का पुत्र मरीब्बाल या; और मरीब्बाल से मीका उत्पन्न हुआ।

35 और मीका के पुत्र थे, पीतोन, मेलेक, तारिया और आहाज।

36 और आहाज से यहोआदा उत्पन्न हुआ; और यहोआदा से आलेमेत, अजमावेत, और जिम्री उत्पन्न हुए; और जिम्री से मोसा उत्पन्न हुआ;

37 और मोसा से बिनिया उत्पन्न हुआ; रापा उसका पुत्र, एलासा उसका पुत्र, आसेल उसका पुत्र था।

38 और आसेल के छ: पुत्र हुए, जिनके नाम ये हैं, अर्यात् अज्रीकाम, बोकेरू, इश्माएल, शार्याह, ओबद्याह और हानान। ये सब आसेल के पुत्र थे।

39 और उसके भाई एशेक के पुत्र थे, उसका जेठा ऊलाम, दूसरा येहूश और तीसरा एलीपेलेत।

40 और ऊलाम के पुत्र शूरवीर और धनुर्धर थे, और उनके बहुत से पुत्र हुए, और उनके एक सौ पचास पुत्र हुए। ये सब बिन्यामीन के वंश के हैं।  


अध्याय 9

इस्राएल और यहूदा की वंशावली का मूल-इस्राएली, याजक, और लेवीय, नतीन के साथ।

1 इसलिथे सब इस्राएली अपके अपके वंश के अनुसार गिने गए; और देखो, वे इस्राएल और यहूदा के राजाओं की पुस्तक में लिखे गए, जो अपके अपराध के कारण बाबुल को ले गए थे।

2 जो पहिले निवासी अपके अपके अपके अपके नगरोंमें अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अिभय म रहते थे, वे थे इस्राएली, याजक, लेवीय, और नतीन।

3 और यहूदा, और बिन्यामीनियोंमें से, और एप्रैमियोंमें से, और मनश्शे यरूशलेम में रहते थे;

4 ऊतै, जो अम्मीहूद का पुत्र, यह ओम्री का पुत्र, यह इम्री का पुत्र, यह बानी का पुत्र, यह यहूदा के पुत्र परेज का पुत्र था।

5 और शीलोनियोंमें से; जेठा असायाह और उसके पुत्र।

6 और जेरह की सन्तान में से; यूएल, और उनके भाई, छह सौ नब्बे।

7 और बिन्यामीन के वंश में से; सल्लू, मशुल्लाम का पुत्र, यह होदव्याह का पुत्र, यह हसेनुआ का पुत्र,

8 और यरोहा का पुत्र इब्नेयाह, और उज्जी का पुत्र एलाम, जो मिकरी का पुत्र था, और मशुल्लाम, जो शपत्याह का पुत्र, यह रूएल का पुत्र, यह इब्निय्याह का पुत्र था;

9 और उनके भाई अपके अपके अपके वंश के अनुसार नौ सौ छप्पन। ये सब पुरूष अपके पितरोंके घरानोंमें पितरोंके घरानोंमें प्रधान हुए।

10 और याजकोंमें से; यदायाह, यहोयारीब, और याकीन,

11 और अजर्याह, जो हिल्किय्याह का पुत्र, यह मशुल्लाम का पुत्र, यह सादोक का पुत्र, यह मरायोत का पुत्र, यह अहीतूब का पुत्र, यह परमेश्वर के भवन का प्रधान था;

12 और अदायाह, जो यरोहाम का पुत्र, यह पशूर का पुत्र, यह मल्किय्याह का पुत्र, और मासियै, जो अदीएल का पुत्र, यह याजेराब का पुत्र, यह मशुल्लाम का पुत्र, यह मशिलेमीत का पुत्र, यह इम्मेर का पुत्र था;

13 और उनके भाई अपके पितरोंके घरानोंके मुख्य पुरूष एक हजार सात सौ साठ हैं; भगवान के घर की सेवा के काम के लिए बहुत ही सक्षम पुरुष।

14 और लेवियोंमें से; मरारी के वंश में से शमायाह, हश्शूब का पुत्र, यह अज्रीकाम का पुत्र, यह हशब्याह का पुत्र था;

15 और बकबक्कर, हेरेश, गलाल, और मत्तन्याह, जो मीका का पुत्र, यह जिक्री का पुत्र, यह आसाप का पुत्र था;

16 और ओबद्याह, जो शमायाह का पुत्र, यह गालाल का पुत्र, यह यदूतून का पुत्र, और बेरेक्याह, जो आसा का पुत्र, यह एल्काना का पुत्र था, जो नतोपाइयों के गांवों में रहते थे।

17 और द्वारपाल थे, शल्लूम, अक्कूब, तल्मोन, अहीमान, और उनके भाई; शल्लूम प्रधान था;

18 जो अब तक राजभवन के फाटक में पूर्व की ओर बाट जोहते थे; वे लेवीवंशियों की मण्डली में कुली थे।

19 और अपके पिता के घराने में से कोरे का पुत्र शल्लूम, जो एब्यासाप का पुत्र या, और उसके भाई कोरहवासी थे, जो निवास के फाटकोंके रखवाले थे; और उनके पुरखा यहोवा की सेना के अधिकारी होकर प्रवेश द्वार के रक्षक थे।

20 और पुराने समय में एलीआजर का पुत्र पीनहास उनका अधिकारी या, और यहोवा उसके संग रहा।

21 और मशेलेम्याह का पुत्र जकर्याह मिलापवाले तम्बू के द्वार का द्वारपाल या।

22 जितने फाटकों के द्वारपाल होने के लिथे चुने गए थे वे सब दो सौ बारह थे। ये उनकी वंशावली के अनुसार अपके गांवोंमें गिने गए, जिन्हें दाऊद और शमूएल दशीं ने अपके पद पर ठहराया या।

23 इसलिथे वे और अपके लड़केबालोंसमेत यहोवा के भवन के फाटकों अर्थात् निवास के भवन के फाटकोंके ऊपर चौकसी करते रहे।।

24 चार दिशाओं में पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण की ओर द्वारपाल थे।

25 और उनके भाई जो अपके अपके गांवोंमें थे, समय-समय पर सात दिन के बाद उनके संग आना।

26 क्योंकि ये लेवीय चार प्रधान द्वारपाल अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके ‍िने लेवीय थे।

27 और उन्होंने परमेश्वर के भवन के चारोंओर बसेरा किया, क्योंकि उन पर अधिकार था, और भोर को उसका द्वार उन्हीं का होता था।

28 और उन में से कितनोंके पास सेवकाई के पात्र थे, कि वे उन्हें कथा के अनुसार भीतर और बाहर ले जाएं।

29 और उन में से कितनोंको पात्रों, और पवित्रस्यान के सब साजों, और मैदा, और दाखमधु, और तेल, और लोबान, और सुगन्धद्रव्योंका निरीक्षण करने के लिथे नियुक्त किया गया।

30 और याजकों के पुत्रों में से कितनों ने सुगन्धित सुगन्धि का सुगन्ध बनाया।

31 और मत्तित्याह, जो लेवियोंमें से एक था, जो कोरहवासी शल्लूम का जेठा या, वह धूपदानोंमें बनाई हुई वस्तुओं का अधिकारी हुआ करता था।

32 और उनके अन्य भाई कहाती के वंश में से, प्रत्येक विश्रामदिन को तैयार करने के लिए भेंट की रोटी के ऊपर थे।

33 और लेवियोंके पितरोंके पितरोंके घरानोंमें से गवैये ये थे, जो कोठरियोंमें रहने के लिथे स्वतंत्र थे; क्योंकि वे उस काम में दिन रात लगे रहते थे।

34 लेवियों के पितरों के घराने में ये ही प्रधान अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपक्की पीढ़ी रहने के लिथे प्रधान थे; ये यरूशलेम में रहते थे।

35 और गिबोन में गिबोन का पिता यहीएल रहता या, जिसकी पत्नी का नाम माका था;

36 और उसका जेठा पुत्र अब्दोन, फिर सूर, कीश, बाल, नेर, और नादाब,

37 और गदोर, अहियो, जकर्याह, और मिक्लोत।

38 और मिक्लोत से शिमाम उत्पन्न हुआ। और वे भी अपके भाइयोंके संग यरूशलेम में अपके भाइयोंके साम्हने रहने लगे।

39 और नेर से कीश उत्पन्न हुआ; और कीश से शाऊल उत्पन्न हुआ; और शाऊल से योनातान, मल्कीशुआ, अबीनादाब और एशबाल उत्पन्न हुए।

40 और योनातान का पुत्र मरीब्बाल या; और मरीब्बाल से मीका उत्पन्न हुआ।

41 और मीका के पुत्र थे, पीतोन, मेलेक, तहरिया और आहाज।

42 और आहाज से यारा उत्पन्न हुई; और यारा से आलेमेत, अजमावेत और जिम्री उत्पन्न हुए; और ज़मीरी से मोज़ा उत्पन्न हुआ;

43 और मोसा से बिनिया उत्पन्न हुआ; और उसका पुत्र रपायाह, उसका पुत्र एलासा, उसका पुत्र आसेल।

44 और आसेल के छ: पुत्र हुए, जिनके नाम ये हैं, अर्यात् अज्रीकाम, बोकेरू, इश्माएल, शार्याह, ओबद्याह और हानान। ये आज़ेल के पुत्र थे। 


अध्याय 10

शाऊल का तख्तापलट और मृत्यु - शाऊल का पाप।

1 पलिश्ती इस्राएल से लड़ने लगे; और इस्राएली पुरूष पलिश्तियोंके साम्हने से भागे, और गिलबो पहाड़ पर मारे गए।

2 और पलिश्ती शाऊल और उसके पुत्रोंके पीछे पीछे हो लिए; और पलिश्तियों ने शाऊल के पुत्र योनातान, अबीनादाब, और मल्कीशुआ को मार डाला।

3 और शाऊल से लड़ाई बहुत तीखी हुई, और धनुर्धारियोंने उसको मारा, और वह धनुर्धारियोंसे घायल हो गया।

4 तब शाऊल ने अपके हयियार ढोनेवाले से कहा, अपक्की तलवार खींच, और मुझे उस से मार दे; कहीं ऐसा न हो कि ये खतनारहित आकर मुझे गाली दें। परन्तु उसका हथियार ढोनेवाला नहीं होगा; क्योंकि वह बहुत डर गया था। तब शाऊल ने तलवार ली और उस पर गिर पड़ा।

5 और जब उसके हथियार ढोनेवाले ने देखा, कि शाऊल मर गया, तब वह भी उसी प्रकार तलवार से गिर पड़ा, और मर गया।

6 तब शाऊल और उसके तीन पुत्र मर गए, और उसका सारा घराना एक संग मर गया।

7 और जब इस्राएल के सब पुरूष जो तराई में थे, यह देखकर कि वे भाग गए, और शाऊल और उसके पुत्र मर गए, तब अपके अपके नगर छोड़कर भाग गए; और पलिश्ती आकर उन में रहने लगे।

8 और दूसरे दिन जब पलिश्ती मारे हुओं को लूटने को आए, तब उन्होंने शाऊल और उसके पुत्रोंको गिलबो पहाड़ पर गिरा पाया।

9 और जब उन्होंने उसका सिर और हथियार छीन लिया, तब उन्होंने पलिश्तियोंके देश में चारोंओर यह भेज दिया, कि अपक्की मूरतोंऔर लोगोंको समाचार सुनाएं।

10 और उन्होंने उसके हथियार अपके देवताओं के भवन में रखे, और उसका सिर दागोन के भवन में बन्धन किया।

11 जब गिलाद के याबेश के सब लोगों ने सुना कि पलिश्तियों ने शाऊल से क्या किया है,

12 और सब शूरवीरोंने उठकर शाऊल की लोथ और उसके पुत्रोंकी लोयें उठा लीं, और याबेश में ले गए, और उनकी हड्डियोंको याबेश के बांजवृझ के तले मिट्टी दी, और सात दिन तक उपवास किया।

13 इसलिथे शाऊल अपके उस अपराध के कारण जो उस ने यहोवा के विरुद्ध या यहोवा के उस वचन के विरोध में किया था, जिसे उस ने न माना, और किसी परिचित आत्मा से सम्मति मांगने के लिथे मरा;

14 और यहोवा से न पूछा; इसलिथे उस ने उसको घात किया, और राज्य को यिशै के पुत्र दाऊद के हाथ में कर दिया। 


अध्याय 11

दाऊद ने राजा बनाया - उसने सिय्योन के महल को जीत लिया - दाऊद के शूरवीर।

1 तब सब इस्राएली यह कहकर दाऊद के पास हेब्रोन में इकट्ठे हुए, कि देख, हम तेरी हड्डी और मांस हैं।

2 और बीते समय में जब शाऊल राजा हुआ, तब भी तू ही इस्राएलियोंका अगुवाई और ले आया; और तेरे परमेश्वर यहोवा ने तुझ से कहा, तू मेरी प्रजा इस्राएल को चराएगा, और तू मेरी प्रजा इस्राएल का अधिकारी होगा।

3 इसलिथे इस्राएल के सब पुरनिये राजा के पास हेब्रोन में आए; और दाऊद ने उन से हेब्रोन में यहोवा के साम्हने वाचा बान्धी; और उन्होंने शमूएल के द्वारा यहोवा के वचन के अनुसार इस्राएल का राजा होने के लिये दाऊद का अभिषेक किया।

4 तब दाऊद और सब इस्राएली यरूशलेम को गए, जो यबूस कहलाता है; जहाँ यबूसी थे, वे उस देश के निवासी थे।

5 और यबूस के निवासियोंने दाऊद से कहा, तू यहां न आना। तौभी दाऊद ने सिय्योन के गढ़ को, जो दाऊद का नगर है, ले लिया।

6 दाऊद ने कहा, जो कोई यबूसियोंको पहिले मारेगा वही प्रधान और प्रधान होगा। सो सरूयाह का पुत्र योआब पहिले चढ़कर प्रधान हुआ।

7 और दाऊद उस गढ़ में रहने लगा; इसलिए उन्होंने उसका नाम दाऊद का नगर रखा।

8 और उस ने मिल्लो से चारोंओर चारोंओर नगर का निर्माण किया, और योआब ने शेष नगर की मरम्मत की।

9 इस प्रकार दाऊद और भी बड़ा होता गया; क्योंकि सेनाओं का यहोवा उसके संग था।

10 जिन शूरवीरों के प्रधान दाऊद के साय थे, उन में से ये ही थे, कि यहोवा के उस वचन के अनुसार जो इस्राएल के विषय में हुआ था, उसको राजा बनाने के लिथे उसके साय अपके राज्य में और सब इस्राएलियोंके संग दृढ़ हो गए थे।

11 और दाऊद के शूरवीरोंकी गिनती यह है; याशोबाम, जो हक्मोनी था, जो प्रधानों का प्रधान था; उस ने एक ही बार में उसके द्वारा मारे गए तीन सौ लोगों पर अपना भाला उठाया।

12 और उसके बाद दोदो का पुत्र एलीआजर था, जो अहोही या, जो तीन शूरवीरोंमें से एक या।

13 और वह दाऊद के संग पसदम्मीम में या, और वहां पलिश्ती जव से भरी हुई भूमि का एक टुकड़ा लड़ने के लिथे इकट्ठी हुई या; और लोग पलिश्तियोंके साम्हने से भाग गए।

14 और उन्होंने उस टुकड़े के बीच में जाकर अपके को छुड़ाया, और पलिश्तियोंको घात किया, और यहोवा ने बड़े छुटकारे के द्वारा उनका उद्धार किया।

15 अब तीस प्रधानों में से तीन अदुल्लम की गुफा में चट्टान पर चढ़कर दाऊद के पास गए; और पलिश्तियों के दल ने रपाईम नाम तराई में डेरे खड़े किए।

16 तब दाऊद गढ़ में या, और पलिश्तियोंकी चौकी उस समय बेतलेहेम में या।

17 तब दाऊद ने लालसा करके कहा, भला होता कि कोई मुझे बेतलेहेम के उस कुएं का जो फाटक पर है, पिला दे।

18 तब वे तीनों पलिश्तियोंकी सेना पर टूट पड़े, और बेतलेहेम के उस कुएं में से जो फाटक के पास था, जल निकालकर दाऊद के पास ले आए; परन्तु दाऊद ने उस में से न पिया, वरन यहोवा पर उण्डेल दिया।

19 और कहा, हे मेरे परमेश्वर ने मुझ से ऐसा न किया कि मैं यह काम करूं; क्या मैं उन मनुष्योंका लोहू पीऊंगा जिन्होंने अपके प्राण संकट में डाल दिए हैं? क्योंकि वे उसे अपके प्राणोंको संकट में डालकर ले आए; इसलिए वह इसे नहीं पीएगा। इन चीजों ने इन तीनों को सबसे शक्तिशाली किया।

20 और योआब का भाई अबीशै जो उन तीनोंमें प्रधान या, उस ने अपके भाले को तीन सौ पर उठाकर घात किया, और उन तीनोंमें उसका एक नाम था।

21 उन तीनों में से वह उन दोनों से अधिक प्रतिष्ठित था; क्योंकि वह उनका प्रधान था; हालांकि वह पहले तीन तक नहीं पहुंचा।

22 बनायाह यहोयादा का पुत्र था, यह काबजील के एक शूरवीर का पुत्र था, जिस ने बहुत काम किए थे; उसने मोआबियोंके सिंहोंके समान दो पुरूषोंको घात किया; और बर्फीले दिन में उस ने जाकर एक गड़हे में एक सिंह को मार डाला।

23 और उस ने एक मिस्री पुरूष को, जो पांच हाथ ऊंचे ऊंचे कद का या, घात किया; और मिस्री के हाथ में जुलाहे के डंडे के समान भाला था; और वह लाठी लिये हुए उसके पास गया, और मिस्री के हाथ से उसका भाला छीन लिया, और उसी के भाले से उसे घात किया।

24 यहोयादा के पुत्र बनायाह ने ये ही काम किए, और उसका नाम उन तीन शूरवीरोंमें से था।

25 देखो, वह तीसोंमें प्रतिष्ठित तो हुआ, परन्तु पहिले तीन में नहीं पहुंचा; और दाऊद ने उसको अपके पहरे पर ठहराया।

26 योआब का भाई असाहेल, बेतलेहेम के दोदो का पुत्र एल्हानान,

27 हारोरी शममोत, पलोनी हेलेज,

28 तकोई इक्केश का पुत्र ईरा, अन्तोती अबीएजेर,

29 हूशाई सिब्बकै, अहोही इलै,

30 नतोपावासी महरै, नतोपावासी बाना के पुत्र हेलद,

31 बिन्यामीनियों में से गिबा के रिबै का पुत्र ईतै, पिरातोनी बनायाह,

32 गाश के नाले में से हूरै, अर्बावासी अबीएल,

33 बहरूमी अजमावेत, शालबोनी एल्याहबा,

34 गीज़ोनी हाशेम के पुत्र, योनातान, जो हरारी शगे का पुत्र था,

35 हरारी साकार का पुत्र अह्याम, ऊर का पुत्र एलीफाल।

36 मेकेरावासी हेपेर, पलोनी अहिय्याह,

37 कर्ममेली हेस्रो, एस्बै का पुत्र नारै,

38 नातान का भाई योएल, हाग्गेरी का पुत्र मिभार,

39 अम्मोनी ज़ेलेक, बेरोती नहराई, सरूयाह के पुत्र योआब का हथियार ढोने वाला,

40 यित्री ईरा, यित्री गारेब,

41 हित्ती ऊरिय्याह, अहलै का पुत्र जाबाद,

42 रूबेनी शिजा का पुत्र अदीना, जो रूबेनियोंका प्रधान था, और उसके संग तीस,

43 माका का पुत्र हानान, और मिथनी यहोशापात,

44 अशतरवासी उज्जिया, अरोरी होतान के पुत्र शामा और यहीएल,

45 शिम्री का पुत्र यदीएल, और उसका भाई योहा, जो तिजी,

46 महावीएल एलीएल, यरीबै और एल्नाम के पुत्र योशव्याह, और मोआबी यित्मा,

47 एलीएल, ओबेद, और मेसोबाई यासीएल। 


अध्याय 12

दाऊद की सेनाएँ।

1 जो दाऊद के पास सिकलग को आए थे, वे ये हैं, कि वह कीश के पुत्र शाऊल के कारण अपके पास रहता या; और वे शूरवीरोंमें से थे, जो युद्ध में सहायक थे।

2 वे धनुष बान्धे हुए थे, और शाऊल के बिन्यामीनियोंके भाइयोंमें से दहिने और बायें दोनोंसे पत्यर फेंके, और तीर चलाए।

3 मुख्य अहीएजेर, फिर योआश, जो गिबावासी शमा का पुत्र हुआ; और अज्मावेत के पुत्र यिजीएल, पेलेत; और बराका, और अंतोती येहू,

4 और गिबोनी इस्मायाह जो तीसोंमें से एक शूरवीर था; और तीस से अधिक; और यिर्मयाह, यहजीएल, योहानान, और गदेरावासी योसाबाद,

5 एलुजै, यरीमोत, बल्याह, शमर्याह, शपत्याह जो हारूपी था,

6 एल्काना, यशायाह, अजरेल, योएजेर, याशोबाम, कोरहवासी,

7 और योएला, और जबद्याह, जो गदोर के यरोहाम के पुत्र थे।

8 और गादियोंमें से वहां के गादियोंने अपके आप को दाऊद के लिथे गढ़ में करके वीराने के लिथे अलग कर लिया, और लड़ने के लिथे युद्ध के योग्य पुरूष थे, जो ढाल और बन्धन बान्धने के योग्य थे, जिनके मुख सिंहोंके साम्हने और तेज गति से चलनेवाले थे। पहाड़ों पर गुलाब;

9 पहला एसेर, दूसरा ओबद्याह, तीसरा एलीआब,

10 चौथा मिश्मन्ना, पांचवां यिर्मयाह,

11 छठा अत्तै, सातवां एलीएल,

12 आठवां योहानान, नौवां एलजाबाद,

13 दसवां यिर्मयाह, ग्यारहवां मकबनै।

14 ये गाद के वंश में से थे, जो सेना के प्रधान थे; कम से कम एक सौ से अधिक था, और सबसे बड़ा एक हजार से अधिक था।

15 ये वे हैं जो पहिले महीने में यरदन के पार चले गए, जब वह उसके सब तटों पर चढ़ गया; और उन्होंने तराई के सब लोगोंको पूर्व और पच्छिम की ओर से भगा दिया।

16 और बिन्यामीनियोंमें से और यहूदा के लोग दाऊद के पास गढ़ में आए।

17 तब दाऊद उन से भेंट करने को निकला, और उन से कहा, यदि तुम कुशल से मेरी सहायता करने को मेरे पास आओ, तो मेरा मन तुम से लगा रहेगा; परन्तु यदि तुम मेरे शत्रुओं के हाथ पकड़वाने को आए हो, और यह देखकर कि मेरे हाथ में कोई बुराई नहीं है, तो हमारे पुरखाओं का परमेश्वर उस पर दृष्टि करके उसे ताड़ना दे।

18 तब आत्मा अमासै पर उतरी, जो प्रधानोंके प्रधान या, और उस ने कहा, हे दाऊद, और हे यिशै के पुत्र, हम तेरी ओर से हैं; तुझे शान्ति, और तेरे सहायकों को शान्ति मिले; क्योंकि तेरा परमेश्वर तेरी सहायता करता है। तब दाऊद ने उन्हें ग्रहण किया, और उन्हें दल का प्रधान ठहराया।

19 और जब वह पलिश्तियोंके संग शाऊल से लड़ने को आया, तब मनश्शे में से कुछ दाऊद के पास मारे गए; परन्तु उन्होंने उनकी सहायता नहीं की; क्‍योंकि पलिश्तियोंके सरदारोंने सम्मति पाकर उसको विदा किया, कि वह अपके स्‍वामी शाऊल के पास हमारे सिर के बल गिर पड़ेगा।

20 जब वह सिकलग को गया, तब मनश्शे, अदना, योजाबाद, यदीएल, मीकाएल, योजाबाद, एलीहू, और जिल्तै के नाम मनश्शे के हजारों प्रधान उसके पास गिरे।

21 और उन्होंने दाऊद की सहायता दल के दल के विरुद्ध की; क्योंकि वे सब शूरवीर थे, और सेना के प्रधान थे।

22 क्योंकि उस समय दाऊद के पास उसकी सहायता करने के लिथे दिन-ब-दिन आते थे, जब तक कि वह परमेश्वर की सेना के समान एक बड़ी सेना न हो गई।

23 और जो दल युद्ध के लिये तैयार हुए थे, उनकी गिनती यह है, कि वे यहोवा के वचन के अनुसार शाऊल के राज्य को उसके वश में करने के लिथे हेब्रोन को दाऊद के पास आए।

24 यहूदा के लोग जो ढाल और भाले लिए हुए थे, वे युद्ध के लिथे हथियार पहिने हुए छ: हजार आठ सौ थे।

25 शिमोन की सन्तान में से सात हजार एक सौ शूरवीर, जो युद्ध में शूरवीर थे।

26 लेवी की सन्तान में से चार हजार छ: सौ।

27 और हारूनियोंका प्रधान यहोयादा या, और उसके संग तीन हजार सात सौ थे।

28 और सादोक, जो शूरवीर था, और उसके पिता के घराने के बाईस प्रधान थे।

29 और बिन्यामीनियोंमें से शाऊल का कुल तीन हजार; क्योंकि अब तक उनमें से अधिकांश ने शाऊल के घराने की रखवाली की थी।

30 और एप्रैमियोंमें से बीस हजार आठ सौ शूरवीर, जो अपके पितरोंके घराने में प्रसिद्ध हुए।

31 और मनश्शे के आधे गोत्र में से अठारह हजार, जिनके नाम से अभिव्यक्‍त किए गए थे, कि आकर दाऊद को राजा बनाएं।

32 और इस्साकार की सन्तान में से जो समय की समझ रखनेवाले पुरूष थे, कि इस्त्राएल को क्या करना चाहिए; उनके सिर दो सौ थे; और उनके सब भाई उनकी आज्ञा पर थे।

33 और जबूलून में से जो युद्ध करने को निकला या, वह युद्ध में निपुण, और सब प्रकार के युद्ध के साज-सामान लिए हुए थे, वे पचास हजार थे; वे दोहरे दिल के नहीं थे।

34 और नप्ताली के एक हजार सेनापति, और उनके संग ढाल और भाला, सैंतीस हजार थे।

35 और दानियों में से अट्ठाईस हजार छ: सौ युद्ध करने में निपुण।

36 और आशेर के, जो युद्ध करने को निकले थे, और जो युद्ध में कुशल थे, वे चालीस हजार थे।

37 और यरदन की दूसरी ओर, रूबेनियों, गादियों, और मनश्शे के आधे गोत्र में से एक लाख बीस हजार युद्ध के लिये सब प्रकार के युद्ध के साज-सामान लिये हुए।

38 ये सब योद्धा जो पद पर बने रह सकते थे, सिद्ध मन से हेब्रोन में आए, कि दाऊद को सारे इस्राएल का राजा बना दे; और सब इस्राएली भी दाऊद को राजा बनाने के लिथे एक मन के थे।

39 और वे तीन दिन तक दाऊद के संग खाते पीते रहे; क्‍योंकि उनके भाइयोंने उनके लिथे तैयारी की थी।

40 और जो उनके संग थे, वे इस्साकार, जबूलून और नप्ताली तक थे, वे गदहों, ऊंटों, खच्चरों, बैलों, और मांस, भोजन, अंजीरों की टिकिया, किशमिश, और दाखमधु पर रोटी लाते थे। और तेल, और बैल, और भेड़-बकरी बहुतायत से; क्योंकि इस्राएल में आनन्द था। 


अध्याय 13

दाऊद ने सन्दूक लाया, उज्जा मारा गया, वह सन्दूक ओबेद-एदोम के घर में छोड़ गया।

1 तब दाऊद ने हजारों और शतपतियों, और सब प्रधानोंसे विचार विमर्श किया।

2 और दाऊद ने इस्राएल की सारी मण्डली से कहा, यदि तुम को अच्छा लगे, और यह हमारे परमेश्वर यहोवा की ओर से हो, तो आओ, हम अपने भाइयोंके पास जो इस्राएल के सारे देश में बचे हैं, और उनके संग सब जगह भेज दें। और याजकों और लेवियों के पास जो उनके नगरों और चरागाहों में हैं, कि वे हमारे पास इकट्ठे हों;

3 और हम अपके परमेश्वर का सन्दूक फिर अपके पास ले आएं; क्योंकि शाऊल के दिनों में हम ने उसके विषय में कुछ नहीं पूछा।

4 और सारी मण्डली ने कहा, कि वे ऐसा ही करेंगे; क्योंकि बात सब लोगों की दृष्टि में ठीक थी।

5 तब दाऊद ने मिस्र के शिहोर से लेकर हेमात तक के सब इस्राएलियोंको इकट्ठा किया, कि परमेश्वर का सन्दूक किर्यत्यारीम से ले आए।

6 तब दाऊद और सब इस्राएली बाला को, अर्यात् किर्यत्यारीम को जो यहूदा का या, कि करूबों के बीच में रहनेवाले यहोवा परमेश्वर के सन्दूक को, जिस पर उस का नाम लिया जाता है, ले चलने को चढ़ गया।

7 और वे परमेश्वर के सन्दूक को नई गाड़ी में चढ़ाकर अबीनादाब के भवन में से ले गए; और उज्जा और अहियो ने गाड़ी चलाई।

8 और दाऊद और सब इस्राएली अपक्की सारी शक्ति से परमेश्वर के साम्हने वादन, और गीत, और वीणा, और स्तोत्र, और डफ, और झांझ, और तुरहियां बजाते थे।

9 और जब वे कीदोन के खलिहान पर पहुंचे, तब उज्जा ने सन्दूक को पकड़ने को हाथ बढ़ाया; क्योंकि बैलों ने ठोकर खाई है।

10 और यहोवा का कोप उज्जा पर भड़क उठा, और उस ने उसे ऐसा मारा, कि उस ने सन्दूक पर हाथ रखा या; और वहां वह परमेश्वर के साम्हने मर गया।

11 और दाऊद अप्रसन्न हुआ, क्योंकि यहोवा ने उज्जा पर दरार डाली थी; इस कारण वह स्थान आज तक पेरेस-उज्जा कहलाता है।

12 उस दिन दाऊद परमेश्वर से डरकर कहने लगा, मैं परमेश्वर का सन्दूक क्योंकर अपने घर ले आऊं?

13 तब दाऊद सन्दूक को अपके पास दाऊदपुर में न ले आया, वरन गती ओबेदेदोम के भवन में ले गया।

14 और परमेश्वर का सन्दूक ओबेदेदोम के घराने के पास उसके घर में तीन महीने तक रहा। और यहोवा ने ओबेदेदोम के घराने पर और जो कुछ उसका था उस सब पर आशीष दी। 


अध्याय 14

हीराम की दया — दाऊद की प्रसन्नता।

1 सोर के राजा हीराम ने दाऊद के पास दूत, और देवदारु की लकड़ी, और राजमिस्त्री और बढ़ई, उसके भवन बनाने के लिथे भेजे।

2 और दाऊद ने जान लिया, कि यहोवा ने उसको इस्राएल का राजा ठहरा दिया है, क्योंकि उसकी प्रजा इस्राएल के कारण उसका राज्य ऊंचे पर चढ़ गया है।

3 और दाऊद ने यरूशलेम में और स्त्रियां ब्याह लीं; और दाऊद के और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुईं।

4 उसके जो पुत्र यरूशलेम में हुए थे, उनके नाम ये हैं; शम्मू, शोबाब, नातान, सुलैमान,

5 और इभार, एलीशू, एल्पलेत,

6 नोगा, नपाग, यापी,

7 और एलीशामा, बेल्यादा, और एलीपलेत।

8 जब पलिश्तियों ने सुना, कि दाऊद सारे इस्राएल पर राजा होने के लिथे अभिषेक हुआ है, तब सब पलिश्ती दाऊद को ढूंढ़ने को गए। और दाऊद ने यह सुना, और उनका साम्हना करने को निकल गया।

9 तब पलिश्ती आकर रपाईम नाम तराई में फैल गए।

10 तब दाऊद ने परमेश्वर से पूछा, क्या मैं पलिश्तियोंपर चढ़ाई करूं? और क्या तू उन्हें मेरे हाथ कर देगा? और यहोवा ने उस से कहा, चढ़; क्योंकि मैं उन्हें तेरे हाथ में कर दूंगा।

11 तब वे बालपरासीम को गए; और दाऊद ने उन्हें वहीं मारा। तब दाऊद ने कहा, परमेश्वर ने मेरे शत्रुओं को मेरे हाथ से जल की धारा के समान तोड़ दिया है; इसलिए उन्होंने उस स्थान का नाम बाल-परासीम रखा।

12 और जब वे अपके देवताओं को वहीं छोड़ गए, तब दाऊद ने आज्ञा दी, और वे आग में जला दिए गए।

13 और पलिश्ती फिर तराई में फैल गए।

14 इसलिथे दाऊद ने परमेश्वर से फिर पूछा; और परमेश्वर ने उस से कहा, उनका पीछा न करना; उन से दूर हो जाओ, और उन पर शहतूत के वृक्षों के साम्हने चढ़ जाओ।

15 और जब तू शहतूत के वृझोंकी चोटियोंमें जाने का शब्द सुनायेगा, तब तू युद्ध करने को निकलेगा; क्योंकि परमेश्वर पलिश्तियोंकी सेना को मारने के लिथे तेरे आगे आगे निकल गया है।

16 इसलिथे दाऊद ने परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार किया; और उन्होंने के मेजबान को मार डाला

गिबोन से लेकर गेजेर तक पलिश्ती।

17 और दाऊद की कीर्ति सब देशोंमें फैल गई; और यहोवा ने उसका भय सब जातियों पर लाद दिया। 


अध्याय 15

दाऊद सन्दूक को ओबेदेदोम से बड़े आनन्द के साथ ले आया।

1 तब दाऊद ने दाऊदपुर में उसके घर बनवाए, और परमेश्वर के सन्दूक के लिथे एक स्थान तैयार किया, और उसके लिथे एक तम्बू खड़ा किया।

2 तब दाऊद ने कहा, लेवियोंको छोड़ और कोई परमेश्वर का सन्दूक उठाए न ले जाए; क्‍योंकि यहोवा ने उन्‍हें चुन लिया है, कि परमेश्वर का सन्दूक उठाकर उसकी सेवा सर्वदा करें।

3 और दाऊद ने सब इस्राएलियोंको यरूशलेम में इकट्ठा किया, कि यहोवा का सन्दूक अपके स्यान पर जो उस ने उसके लिथे तैयार किया या, ले आए।

4 तब दाऊद ने हारून की सन्तान और लेवियोंको इकट्ठा किया;

5 कहात के वंश में से; ऊरीएल प्रधान, और उसके भाई एक सौ बीस;

6 मरारी के वंश में से; असायाह प्रधान, और उसके भाई दो सौ बीस;

7 गेर्शोम के वंश में से; प्रधान योएल, और उसके भाई एक सौ तीस;

8 एलीसापान के वंश में से; शमायाह प्रधान और उसके दो सौ भाई;

9 हेब्रोन के वंश में से; एलीएल प्रधान, और उसके साठ भाई;

10 उज्जीएल के वंश में से; अम्मीनादाब प्रधान, और उसके भाई एक सौ बारह।

11 तब दाऊद ने सादोक, एब्यातार याजकों, और लेवियोंको ऊरीएल, असायाह, योएल, शमायाह, एलीएल, और अम्मीनादाब को बुलवाया।

12 और उन से कहा, लेवियोंके पितरोंके घरानोंमें मुख्य तुम हो; अपने आप को और अपने भाइयों को पवित्र करो, कि तुम इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के सन्दूक को उस स्थान पर ले जाओ जिसे मैंने उसके लिए तैयार किया है।

13 क्‍योंकि पहिले पहिले न किए जाने के कारण हमारे परमेश्वर यहोवा ने हम पर ऐसी दरार डाल दी, कि हम ने उस को ठीक रीति के अनुसार न ढूंढ़ा।

14 तब याजक और लेवीय इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के सन्दूक को उठाने के लिथे अपने को पवित्र किया।

15 और यहोवा के वचन के अनुसार मूसा की आज्ञा के अनुसार लेवियोंने परमेश्वर के सन्दूक को अपके कन्धोंपर डंडों समेत उठा लिया।

16 तब दाऊद ने लेवियोंके प्रधान से कहा, कि अपके भाई अपके अपके भाई जपने, और वीणा, और झांझ बजाते हुए गवैए होने के लिथे नियुक्‍त करें;

17 तब लेवियोंने योएल के पुत्र हेमान को ठहराया; और उसके भाइयों में से बेरेक्याह का पुत्र आसाप; और मरारी के वंश में से अपके भाई, कूशैया का पुत्र एतान;

18 और उनके संग उनके दूसरे पद के भाई, जकर्याह, बेन, याजीएल, शमीरामोत, यहीएल, उन्नी, एलीआब, बनायाह, मासेयाह, मत्तित्याह, एलीपेलेह, मिकनेयाह, ओबेदेदोम, और यीएल, कुलियों।

19 तब हेमान, आसाप और एतान नाम गवैये पीतल की झांझ फूंकने के लिथे ठहराए गए;

20 और जकर्याह, अज़ीएल, शमीरामोत, यहीएल, उन्नी, एलीआब, मासेयाह, और बनायाह, और अलामोत पर स्तोत्रियोंके साथ;

21 और मत्तित्याह, एलीपेलेह, मिकनेयाह, ओबेद-एदोम, यीएल, और अजज्याह, और शेमिनीत की वीणा बजाते रहे।

22 और लेवियोंका प्रधान कनन्याह गाने के लिथे या; उसने गीत के बारे में निर्देश दिया, क्योंकि वह कुशल था।

23 और बेरेक्याह और एल्काना सन्दूक के द्वारपाल थे।

24 और शबन्याह, यहोशापात, नतनेल, अमासै, जकर्याह, बनायाह, और एलीएजेर नाम याजक परमेश्वर के सन्दूक के साम्हने नरसिंगे फूंकने लगे; और ओबेदेदोम और यहियाह सन्दूक के द्वारपाल थे।

25 तब दाऊद और इस्त्राएल के पुरनिये और सहस्त्रोंसे अधिक सेनापति यहोवा की वाचा का सन्दूक ओबेदेदोम के भवन में से आनन्‍द के साथ उठाने को गए।

26 और जब परमेश्वर ने यहोवा की वाचा का सन्दूक उठानेवाले लेवियोंकी सहायता की, तब उन्होंने सात बछड़े और सात मेढ़े चढ़ाए।

27 और दाऊद उत्तम मलमल का वस्त्र पहिने हुए, और जितने लेवीय सन्दूक के थे, और गवैये, और गवैयोंके संग गीत का स्वामी कनन्याह भी; दाऊद ने उसके ऊपर सनी का एक एपोद भी रखा था।

28 इस प्रकार सब इस्राएली यहोवा की वाचा के सन्दूक को ललकारते, और नरसिंगे का शब्द, और नरसिंगा, और झांझ बजाते हुए, और स्तोत्र और वीणा बजाते हुए ललकारते थे।

29 जब यहोवा की वाचा का सन्दूक दाऊद के नगर में पहुंचा, तब शाऊल की बेटी मीकल ने खिड़की से बाहर दृष्टि करके राजा दाऊद को नाचते और क्रीड़ा करते देखा; और उसने उसे अपने मन में तुच्छ जाना। 


अध्याय 16

दाऊद के पर्व का बलिदान - वह एक गाना बजानेवालों को नियुक्त करता है - धन्यवाद का स्तोत्र - वह मंत्रियों, कुलियों, याजकों और संगीतकारों को नियुक्त करता है।

1 तब उन्होंने परमेश्वर का सन्दूक लाकर उस तम्बू के बीच में रखा, जिसे दाऊद ने उसके लिथे खड़ा किया था; और उन्होंने परमेश्वर के साम्हने होमबलि और मेलबलि चढ़ाए।

2 और जब दाऊद होमबलि और मेलबलियोंको चढ़ा चुका, तब उस ने यहोवा के नाम से प्रजा को आशीष दी।

3 और उस ने इस्राएल के सब पुरूष, क्या स्त्री, क्या सब को एक एक रोटी, और मांस का एक अच्छा टुकड़ा, और दाखमधु का झण्डा दिया।

4 और उस ने लेवियोंमें से कुछ को यहोवा के सन्दूक के साम्हने सेवा टहल करने, और अभिलेख करने, और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का धन्यवाद करने और उसकी स्तुति करने के लिथे नियुक्त किया;

5 आसाप प्रधान, और उसके आगे जकर्याह, यीएल, शमीरामोत, यहीएल, मत्तित्याह, एलीआब, बनायाह, और ओबेदेदोम; और यीएल, स्तोत्र और वीणा बजाते हुए; परन्तु आसाप ने झांझ बजाते हुए वाणी सुनाई;

6 बनायाह और यहजीएल याजक भी परमेश्वर की वाचा के सन्दूक के साम्हने नित्य नरसिंगा लिये हुए याजक थे।

7 तब दाऊद ने उस दिन यहोवा का धन्यवाद करने के लिथे पहिले यह स्तोत्र आसाप और उसके भाइयोंके वश में कर दिया।

8 यहोवा का धन्यवाद करो, उसका नाम लो, उसके कामोंको प्रजा में प्रगट करो।

9 उसके लिये गाओ, उसका भजन गाओ, उसके सब आश्चर्यकर्मों की चर्चा करो।

10 उसके पवित्र नाम की महिमा करो; जो यहोवा के खोजी हैं उनका मन आनन्दित हो।

11 यहोवा और उसके बल को ढूंढ़ो, उसके दर्शन को नित्य खोजो।

12 उसके अद्‌भुत काम, जो उस ने किए हैं, और उसके आश्चर्यकर्म, और उसके मुंह के नियम स्मरण कर;

13 हे उसके दास इस्राएल के वंश, हे याकूब की सन्तान, हे उसके चुने हुओं!

14 वही हमारा परमेश्वर यहोवा है; उसके निर्णय सारी पृथ्वी पर हैं।

15 उसकी वाचा के प्रति चौकस रहो; वह वचन जिसकी आज्ञा उस ने हजार पीढ़ियों को दी थी;

16 जो वाचा उस ने इब्राहीम से बान्धी, और उस ने इसहाक से जो शपय खाई या, उसके विषय में भी;

17 और इस बात को याकूब के लिथे व्यवस्या के लिथे, और इस्राएल से सदा की वाचा बान्धी है।

18 और कहा, कनान देश मैं तेरे निज भाग की चिट्ठी तुझे दूंगा;

19 जब तुम थोड़े ही थे, वरन थोड़े ही, और उस में परदेशी थे।

20 और जब वे एक जाति से दूसरी जाति में, और एक राज्य से दूसरे राज्य में गए;

21 उस ने किसी मनुष्य को उन पर अन्याय न करने की आज्ञा दी; वरन उसने राजाओं को उनके निमित्त ताड़ना दी,

22 और कहा, मेरे अभिषिक्त को मत छूना, और मेरे नबियोंको हानि न पहुंचाना।

23 हे सारी पृय्वी के लोगों, यहोवा का गीत गाओ; दिन-ब-दिन उसके उद्धार को प्रगट करते हैं।

24 अन्यजातियों में उसकी महिमा का वर्णन करो; सभी राष्ट्रों के बीच उसके अद्भुत काम।

25 क्योंकि यहोवा महान और स्तुति के योग्य है; वह भी सब देवताओं से अधिक भययोग्य है।

26 क्योंकि प्रजा के सब देवता मूरत हैं; परन्तु यहोवा ने आकाश को बनाया।

27 उसके साम्हने महिमा और आदर है; उसकी जगह ताकत और खुशी है।

28 हे प्रजा के लोगों, यहोवा को दो, यहोवा को महिमा और बल दो।

29 यहोवा के नाम के कारण उसकी महिमा करो; भेंट ले आओ, और उसके साम्हने आओ; पवित्रता के सौंदर्य में प्रभु की आराधना करें।

30 हे सारी पृय्वी के लोगों, उसके साम्हने डरो; जगत भी स्थिर रहेगा, कि वह हिल न जाए।

31 आकाश आनन्द करे, और पृय्वी आनन्द करे; और अन्यजातियोंमें से मनुष्य कहें, यहोवा राज्य करता है।

32 समुद्र और उसकी परिपूर्णता गरज उठे; खेत और जो कुछ उस में है, सब आनन्दित हों।

33 तब लकड़ी के वृझ यहोवा के साम्हने जयजयकार करेंगे, क्योंकि वह पृय्वी का न्याय करने को आया है।

34 यहोवा का धन्यवाद करो; क्योंकि वह भला है; क्योंकि उसकी करूणा सदा की है।

35 और तुम कहो, हे हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर, हमारा उद्धार कर, और हमें इकट्ठा करके अन्यजातियों से बचा, कि हम तेरे पवित्र नाम का धन्यवाद करें, और तेरी स्तुति के कारण महिमा करें।

36 इस्राएल का परमेश्वर यहोवा सदा सर्वदा धन्य हो। और सब लोगों ने कहा, आमीन, और यहोवा की स्तुति करने लगे।

37 तब वह वहां आसाप यहोवा की वाचा के सन्दूक के साम्हने और उसके भाइयोंके साम्हने चला, कि प्रतिदिन के कामोंके अनुसार सन्दूक के साम्हने सेवा टहल करे;

38 और ओबेदेदोम और उनके साठ आठ भाई; ओबेदेदोम और यदूतून का पुत्र और होसा भी द्वारपाल हों;

39 और सादोक याजक, और उसके भाई याजक, यहोवा के निवास के साम्हने उस ऊंचे स्थान पर जो गिबोन में था,

40 और होमबलि की वेदी पर नित्य भोर और सांझ यहोवा को होमबलि चढ़ाए, और जो कुछ यहोवा की व्यवस्या में लिखा है, जिस के विषय में उस ने इस्राएल को आज्ञा दी है वैसा ही करना;

41 और उनके संग हेमान और यदूतून, और और जो चुने हुए थे, जो यहोवा का धन्यवाद करने के लिथे प्रगट हुए थे, क्योंकि उसकी करूणा सदा की है;

42 और उनके संग हेमान और यदूतून भी तुरहियां और झांझ लिए हुए थे, जो फूंकने वाले थे, और परमेश्वर के बाजे लिए हुए थे। और यदूतून के पुत्र द्वारपाल थे।

43 और सब लोग अपके अपके अपके अपके घर को चले गए; और दाऊद अपके घराने को आशीष देने को लौटा। 


अध्याय 17

डेविड ने ईश्वर को एक घर बनाने का प्रस्ताव दिया - भगवान ने उसे मना किया - डेविड की प्रार्थना और धन्यवाद।

1 जब दाऊद अपके घर में बैठा या, तब दाऊद ने नातान भविष्यद्वक्ता से कहा, सुन, मैं तो देवदारोंके घर में रहता हूं, परन्तु यहोवा की वाचा का सन्दूक परदे के तले रहता है।

2 तब नातान ने दाऊद से कहा, जो कुछ तेरे मन में है वह सब कर; क्योंकि परमेश्वर तुम्हारे साथ है।

3 और उसी रात ऐसा हुआ, कि परमेश्वर का यह वचन नातान के पास पहुंचा, और कहा,

4 जाकर अपके दास दाऊद से कह, यहोवा योंकहता है, कि मेरे लिथे रहने के लिथे भवन न बनाना;

5 क्योंकि जिस दिन से मैं इस्राएल को ले आया, उस दिन से आज तक मैं किसी भवन में नहीं रहा; परन्तु वे एक तम्बू से दूसरे तम्बू और एक निवास से दूसरे निवास को गए हैं।

6 और जहां कहीं मैं सब इस्राएलियोंके संग चला, वहां इस्राएल के उन न्यायियोंमें से जिन्हें मैं ने अपक्की प्रजा का पालन करने की आज्ञा दी या, मैं ने कहा, कि तुम ने मेरे लिये देवदारोंका घर क्योंनहीं बनवाया?

7 इसलिथे अब तू मेरे दास दाऊद से योंकहना, कि सेनाओं का यहोवा योंकहता है, कि मैं ने तुझे भेड़शाला में से ले जाकर भेड़ोंके पीछे चलने से ले लिया, कि तू मेरी प्रजा इस्राएल पर प्रभुता करे।

8 और जहां कहीं तू चला गया वहां मैं तेरे संग रहा, और तेरे सब शत्रुओं को तेरे साम्हने से नाश किया, और पृय्वी के महापुरुषोंके नाम से तेरा नाम किया है।

9 और मैं अपक्की प्रजा इस्राएल के लिथे एक स्यान ठहराऊंगा, और उन्हें लगाऊंगा, और वे अपके स्यान में बसेंगे, और फिर कभी न टलेंगे; न तो दुष्ट के बच्चे उन्हें फिर से बर्बाद करेंगे, जैसा कि शुरुआत में था,

10 और उस समय से जब से मैं ने अपक्की प्रजा इस्राएल के ऊपर न्यायियोंको ठहराने की आज्ञा दी है। और मैं तेरे सब शत्रुओं को वश में कर दूंगा। और मैं तुझ से कहता हूं, कि यहोवा तेरे लिये एक भवन बनाएगा।

11 और जब तेरे दिन पूरे हो जाएंगे, तब तू अपके पितरोंके संग रहने को अवश्य जाना, कि मैं तेरे पीछे तेरे वंश को जो तेरे पुत्रोंमें से होंगे, उत्पन्न करूंगा; और मैं उसका राज्य स्थापित करूंगा।

12 वह मेरे लिये एक भवन बनाएगा, और मैं उसकी राजगद्दी को सदा स्थिर करूंगा।

13 मैं उसका पिता ठहरूंगा, और वह मेरा पुत्र ठहरेगा; और जैसा मैं ने तुझ से पहिले उस से लिया या, वैसा ही मैं उस पर से अपनी करूणा दूर न करूंगा;

14 परन्तु मैं उसे अपके घर में और अपके राज्य में सदा बसाऊंगा; और उसका सिंहासन युगानुयुग स्थिर रहेगा।

15 इन सब बातों के अनुसार, और इस सब दर्शन के अनुसार नातान ने दाऊद से ऐसी ही बातें कहीं।

16 तब दाऊद राजा आकर यहोवा के साम्हने बैठ गया, और कहने लगा, हे परमेश्वर यहोवा, मैं कौन हूं, और मेरा घराना क्या है, कि तू मुझे यहां ले आया है?

17 और हे परमेश्वर, तेरी दृष्टि में यह छोटी सी बात थी; क्‍योंकि तू ने अपके दास के घराने की चर्चा बड़े समय तक की है, और हे प्रभु परमेश्वर, तू ने ऊँचे पद के धनी के समान मेरा आदर किया है।

18 तेरे दास के आदर के लिथे दाऊद तुझ से और क्या बातें कह सकेगा? क्योंकि तू अपने दास को जानता है।

19 हे यहोवा, तू ने अपके दास के निमित्त और अपके मन के अनुसार यह सब बड़ा काम इन सब बड़ी बातोंको प्रगट करके किया है।

20 हे यहोवा, जो कुछ हम ने कानों से सुना है, उसके अनुसार तेरे तुल्य कोई नहीं, और न तेरे सिवा कोई परमेश्वर है।

21 और तेरी प्रजा इस्राएल के समान पृय्वी की एक जाति क्या है, जिसे परमेश्वर अपक्की प्रजा होने के लिथे छुड़ाने को गया, कि तेरी प्रजा के साम्हने से उन जातियोंको, जिन्हें तू ने छुड़ा लिया है, तुझ को बड़ा और भयानक नाम दिया है। मिस्र?

22 क्योंकि तू ने अपक्की प्रजा इस्राएल को सदा के लिथे अपक्की प्रजा बना रखा है; और हे यहोवा, तू उनका परमेश्वर हुआ।

23 इसलिथे अब हे यहोवा, जो बात तू ने अपके दास और उसके घराने के विषय में कही है वह सदा स्थिर रहे, और जैसा तू ने कहा है वैसा ही किया करे।

24 यह भी दृढ़ रहे, कि तेरा नाम यह कहकर सदा बड़ा होता रहे, कि सेनाओं का यहोवा इस्राएल का परमेश्वर, वरन इस्राएल का परमेश्वर भी है; और तेरे दास दाऊद का घराना तेरे साम्हने दृढ़ किया जाए।

25 क्योंकि हे मेरे परमेश्वर, तू ने अपके दास से कहा है, कि तू उसके लिये एक भवन बनाएगा; इसलिथे तेरा दास अपके मन में तेरे साम्हने प्रार्यना करने को मिला है।

26 और अब, हे प्रभु, तू ही परमेश्वर है, और इस भलाई की प्रतिज्ञा अपके दास से की है;

27 सो अब तू अपके दास के घराने पर आशीष दे, कि वह तेरे साम्हने सदा बना रहे; क्योंकि हे यहोवा, तू ने आशीष दी है, और वह सर्वदा धन्य रहेगा। 


अध्याय 18

दाऊद ने पलिश्तियों, मोआबियों, हदरेजेर और अरामियों को, जो दाऊद के हाकिम थे, मार डाला।

1 इसके बाद ऐसा हुआ, कि दाऊद ने पलिश्तियोंको मारकर वश में कर लिया, और गत और उसके नगरोंको पलिश्तियोंके वश में कर लिया।

2 और उसने मोआब को मारा; और मोआबी दाऊद के दास हो गए, और भेंट लाए।

3 और दाऊद ने सोबा के राजा हदरेजेर को हमात तक उस समय मारा, जब वह परात नदी के पास अपना राज्य स्थिर करने को गया था।

4 तब दाऊद ने उस से एक हजार रय, और सात हजार सवार, और बीस हजार प्यादे ले लिए; दाऊद ने रथों के सब घोड़ों के ऊँचे ऊँचे तो दिए, परन्तु उन में से सौ रथों को बचा लिया।

5 और जब दमिश्क के अरामी सोबा के राजा हदरेजेर की सहायता करने को आए, तब दाऊद ने अरामियोंमें से बाईस हजार पुरूषोंको मार डाला।

6 तब दाऊद ने अराम-दमिश्क में सिपाहियोंको रखा; और अरामी दाऊद के दास होकर भेंट लाए। इस प्रकार यहोवा ने दाऊद को जहाँ कहीं वह गया, उसकी रक्षा की।

7 तब दाऊद ने हदरेजेर के कर्मचारियोंकी सोने की ढालें ले कर यरूशलेम को ले आईं।

8 इसी प्रकार हदरेजेर के तिभात और चुन से नगरों से दाऊद बहुत पीतल ले आया, जिस से सुलैमान ने पीतल के समुद्र, और खम्भे, और पीतल के पात्र बनवाए।

9 जब हमात के राजा तू ने सुना, कि दाऊद ने सोबा के राजा हदरेजेर की सारी सेना को किस रीति से मारा है;

10 उस ने अपके पुत्र हदोराम को दाऊद राजा के पास यह पूछने को भेजा, कि उसका भला हो, और उसको बधाई दे, क्योंकि उस ने हदरेजेर से लड़कर उसे मारा या; (क्योंकि हदरेजेर ने तू से युद्ध किया था;) और उसके साथ सोने, चान्दी और पीतल के सब प्रकार के पात्र थे।

11 राजा दाऊद ने उन सब जातियों से जो चाँदी और सोना वह लाया था, उसे यहोवा को समर्पित किया; एदोम से, और मोआब से, और अम्मोनियों से, और पलिश्तियों से, और अमालेकियों से।

12 फिर सरूयाह के पुत्र अबीशै ने नमक की तराई में अट्ठारह हजार एदोमियोंको घात किया।

13 और उस ने एदोम में सिपाहियोंको लगाया; और सब एदोमी दाऊद के दास हो गए। इस प्रकार यहोवा ने दाऊद को जहाँ कहीं वह गया, उसकी रक्षा की।

14 तब दाऊद ने सारे इस्राएल पर राज्य किया, और अपक्की सारी प्रजा का न्याय और न्याय किया।

15 और सरूयाह का पुत्र योआब सेना पर प्रधान था; और अहीलूद का पुत्र यहोशापात, जो अभिलेख करनेवाला या;

16 और अहीतूब का पुत्र सादोक और एब्यातार का पुत्र अबीमेलेक याजक थे; और शशा शास्त्री थी;

17 और करेतियों और पलेतियोंका प्रधान यहोयादा का पुत्र बनायाह या; और दाऊद के पुत्र राजा के प्रधान थे। 


अध्याय 19

दाऊद के दूतों ने दुष्टता से बिनती की - योआब और अबीशै द्वारा अम्मोनियों को पराजित किया - शोपाक मारे गए।

1 इसके बाद ऐसा हुआ, कि अम्मोनियों का राजा नाहाश मर गया, और उसका पुत्र उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

2 दाऊद ने कहा, मैं नाहाश के पुत्र हानून पर कृपा करूंगा, क्योंकि उसके पिता ने मुझ पर प्रीति दिखाई है। और दाऊद ने उसके पिता के विषय में उसको शान्ति देने के लिथे दूत भेजे। तब दाऊद के सेवक अम्मोनियों के देश में हानून को शान्ति देने के लिथे उसके पास आए।

3 परन्तु अम्मोनियोंके हाकिमोंने हानून से कहा, क्या तू समझता है, कि दाऊद तेरे पिता का आदर करता है, कि उस ने तेरे पास शान्ति देनेवाले भेजे हैं? क्या उसके सेवक तेरे पास इसलिथे नहीं आए हैं, कि ढूंढ़ें, और उलट दें, और देश का भेद लें?

4 इसलिथे हानून ने दाऊद के सेवकोंको पकड़कर उनके बाल मुंडा दिए, और उनके वस्त्र उनके नितम्बोंके बीच में से काट डाले, और उन्हें विदा कर दिया।

5 तब किसी ने जाकर दाऊद को बताया, कि उन पुरूषोंकी कैसी सेवा की जाती है; और उस ने उन से भेंट करने को भेजा; क्योंकि पुरुष बहुत लज्जित हुए थे। तब राजा ने कहा, जब तक तेरी दाढ़ियां न बढ़ जाएं तब तक यरीहो में ठहरो, और फिर लौट जाओ।

6 और जब अम्मोनियों ने देखा, कि वे दाऊद के साम्हने घृणित हो गए हैं, तब हानून और अम्मोनियों ने एक हजार किक्कार चान्दी उनके पास मसोपोटामिया, और अराममाका, और सोबा से रथों और सवारों को भाड़े पर देने को भेज दी।

7 तब उन्होंने बत्तीस हजार रय, और माका के राजा और उसकी प्रजा को किराये पर लिया; जो आया और मेदबा के साम्हने खड़ा किया। और अम्मोनी अपके अपके नगरोंसे इकट्ठे होकर युद्ध करने को आए।

8 यह सुनकर दाऊद ने योआब और शूरवीरों की सारी सेना को भेज दिया।

9 तब अम्मोनियोंने निकलकर नगर के फाटक के साम्हने पांति बान्धी; और जो राजा आए थे वे अकेले मैदान में थे।

10 जब योआब ने देखा, कि उसके साम्हने आगे और पीछे युद्ध होने को है, तब उस ने इस्राएलियोंके सब चुने हुओं में से चुन लिया, और अरामियोंके साम्हने पांति बान्धी।

11 और शेष प्रजा को उस ने अपके भाई अबीशै के वश में कर दिया, और उन्होंने अम्मोनियोंके साम्हने पांति बान्धी।

12 उस ने कहा, यदि अरामी मुझ से अधिक बलवान हों, तो तू मेरी सहायता करना; परन्तु यदि अम्मोनी तुझ से बहुत बलवन्त हों, तो मैं तेरी सहायता करूंगा।

13 हियाव बान्धो, और हम अपक्की प्रजा के लिथे, और अपके परमेश्वर के नगरोंके लिथे वीरता से व्यवहार करें; और यहोवा वही करे जो उसकी दृष्टि में भला हो।

14 तब योआब और उसके संग के लोग अरामियोंके साम्हने युद्ध के लिथे निकट आए; और वे उसके साम्हने से भागे।

15 और जब अम्मोनियों ने देखा, कि अरामी भाग गए हैं, तब वे भी अपके भाई अबीशै के साम्हने से भागकर नगर में गए। तब योआब यरूशलेम आया।

16 और जब अरामियों ने देखा, कि वे इस्राएलियों के साम्हने और भी बुरे हो गए हैं, तब उन्होंने दूतों को भेजकर महानद के उस पार अरामियों को निकाल लिया; और हदरेजेर की सेना का प्रधान शोपाक उनके आगे आगे चला।

17 और दाऊद से यह कहा गया; और उस ने सब इस्राएलियोंको इकट्ठा किया, और यरदन पार होकर उन पर चढ़कर उनके साम्हने पांति बान्धी। सो जब दाऊद ने अरामियोंसे पांति बान्धी, तब वे उस से लड़े।

18 परन्तु अरामी इस्राएलियोंके साम्हने भागे; और दाऊद ने अरामियों में से सात हजार रथों पर सवार होकर, और चालीस हजार प्यादों को घात किया, और सेनापति शोपाक को मार डाला।

19 जब हदरेजेर के कर्मचारियों ने देखा, कि वे इस्राएल के साम्हने और भी बुरे हो गए हैं, तब उन्होंने दाऊद से मेल किया, और उसके दास हो गए; और न अरामी अम्मोनियों की अब और सहायता करेंगे। 


अध्याय 20

रब्बा के लोगों ने अत्याचार किया।

1 और ऐसा हुआ, कि वर्ष के बीतने के पश्चात्, जब राजा युद्ध करने को निकलते हैं, तब योआब ने सेना का नेतृत्व किया, और अम्मोनियोंके देश को उजाड़ दिया, और आकर रब्बा को घेर लिया। परन्तु दाऊद यरूशलेम में रुका रहा। और योआब ने रब्बा को मारकर नाश किया।

2 और दाऊद ने उनके राजा के मुकुट को अपके सिर पर से उतार लिया, और वह एक किक्कार सोने का पाया, और उस में मणि भी थे; और वह दाऊद के सिर पर रखा गया; और वह नगर से बहुत अधिक लूट भी ले आया।

3 और उस ने उन लोगोंको जो उस में थे बाहर निकालकर आरी, और लोहे के हैरों, और कुल्हाड़ियोंसे काट डाला। दाऊद ने अम्मोनियों के सब नगरों के साथ वैसा ही व्यवहार किया। और दाऊद और सब लोग यरूशलेम को लौट गए।

4 इसके बाद गेजेर में पलिश्तियोंसे युद्ध छिड़ गया; उसी समय हूशाई सिब्बकै ने सिप्पै को, जो उस दानवोंमें से या, घात किया; और वे दब गए।

5 और पलिश्तियोंसे फिर युद्ध हुआ; और याईर के पुत्र एल्हानान ने गती गोलियत के भाई लहमी को मार डाला, जिसके भाले की लाठी जुलाहे के डंडे के समान थी।

6 और गत में फिर युद्ध हुआ, जहां एक बड़े कद का एक मनुष्य था, जिसके अंगुलियां और पांव की अंगुलियां चौबीस, और हर एक पांव में छ:छ: थीं; और वह भी दानव का पुत्र था।

7 परन्तु जब उसने इस्राएल को ललकारा, तब दाऊद के भाई शिमा के पुत्र योनातान ने उसको घात किया।

8 ये गत में उस दानव से उत्पन्न हुए; और वे दाऊद और उसके कर्मचारियोंके हाथ से मारे गए। 


अध्याय 21

दाऊद, शैतान की परीक्षा में, लोगों को गिनता है — दाऊद इसका पश्चाताप करता है — दाऊद मरी को चुनता है — दाऊद पश्चाताप के द्वारा यरूशलेम के विनाश को रोकता है — दाऊद ने एक वेदी बनाई है, परमेश्वर आग से अपने अनुग्रह का संकेत देता है, और प्लेग को दूर रखता है — दाऊद वहाँ बलि चढ़ाता है।

1 और शैतान इस्राएल के विरुद्ध खड़ा हुआ, और दाऊद को इस्राएल की गिनती करने के लिथे भड़काया।

2 तब दाऊद ने योआब और प्रजा के हाकिमोंसे कहा, जा, बेर्शेबा से लेकर दान तक इस्राएलियोंको गिन ले; और उन की गिनती मेरे पास ले आओ, कि मैं उसे जानूं।

3 योआब ने उत्तर दिया, यहोवा अपक्की प्रजा को सौ गुणा अधिक कर देगा, जितने वे हों; परन्तु, हे मेरे प्रभु, राजा, क्या वे सब मेरे प्रभु के दास नहीं हैं? फिर मेरे प्रभु को इस वस्तु की आवश्यकता क्यों है? वह इस्राएल के लिए अतिचार का कारण क्यों बनेगा?

4 तौभी राजा का वचन योआब पर प्रबल हुआ। इसलिथे योआब चला गया, और सारे इस्राएल में घूमकर यरूशलेम को आया।

5 और योआब ने उन लोगोंकी गिनती दाऊद को दी। और इस्राएल के सब पुरूष तलवार चलाने वाले एक हजार हजार एक लाख थे; और यहूदा के तलवार चलानेवाले चार सौ साठ दस हजार पुरूष थे।

6 परन्तु लेवी और बिन्यामीन ने उन में उसकी गिनती न की; क्योंकि राजा का वचन योआब को घृणित लगा।

7 और परमेश्वर इस बात से अप्रसन्न हुआ; इसलिथे उस ने इस्राएल को मारा।

8 दाऊद ने परमेश्वर से कहा, मैं ने बड़ा पाप किया है, क्योंकि मैं ने यह काम किया है; परन्तु अब मैं तुझ से बिनती करता हूं, कि अपके दास का अधर्म दूर कर; क्योंकि मैं ने बड़ी मूर्खता की है।

9 और यहोवा ने दाऊद के दर्शी गाद से कहा,

10 तब जाकर दाऊद से कह, यहोवा योंकहता है, कि मैं तुझे तीन वस्तुएं चढ़ाता हूं; उनमें से एक को चुन ले, कि मैं तुझ से वैसा ही करूं।

11 तब गाद ने दाऊद के पास आकर उस से कहा, यहोवा योंकहता है, कि तुझे चुन ले

12 या तो तीन वर्ष का अकाल; वा तीन महीने तक अपके शत्रुओं के साम्हने नाश किए जाएं, जब तक कि तेरे शत्रुओं की तलवार तुझ पर हावी न हो जाए; वा तीन दिन तक यहोवा की तलवार, अर्यात् मरी देश में, और यहोवा का दूत इस्राएल के सब देश में नाश करता रहे। इसलिये अब तुम अपने आप को सम्मति देना कि मैं अपने भेजनेवाले के पास फिर से कौन सा वचन लाऊं।

13 तब दाऊद ने गाद से कहा, मैं बड़ी तंगी में हूं; अब मैं यहोवा के हाथ में पड़ूं; क्योंकि उसकी करूणा बहुत बड़ी है; परन्तु मैं मनुष्य के हाथ में न पड़ूं।

14 तब यहोवा ने इस्राएल पर मरी भेजी; और इस्राएल में से सत्तर हजार पुरूष मारे गए।

15 और परमेश्वर ने एक दूत को यरूशलेम को नाश करने के लिथे भेजा। और स्वर्गदूत ने यरूशलेम को नाश करने के लिथे अपना हाथ बढ़ाया; और परमेश्वर ने दूत से कहा, अपके हाथ ठहर, बस; क्योंकि जब वह नाश कर रहा या, तब यहोवा ने इस्राएल को देखा, कि उस ने उस दुष्टता से मन फिरा; इसलिथे यहोवा नाश करनेवाले दूत को यबूसी ओर्नान के खलिहानके पास खड़ा रहा।

16 तब दाऊद ने आंखे उठाकर देखा, कि यहोवा का दूत पृय्वी और आकाश के बीच खड़ा है, और उसके हाथ में नंगी तलवार है, जो यरूशलेम पर फैली हुई है। तब दाऊद और इस्राएल के पुरनिये टाट पहिने हुए मुंह के बल गिरे।

17 दाऊद ने परमेश्वर से कहा, क्या मैं ही ने लोगोंको गिनने की आज्ञा नहीं दी? मैं ने तो सचमुच पाप किया और बुरा किया है; परन्तु इन भेड़ों ने क्या किया है? हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मुझ पर और मेरे पिता के घराने पर तेरा हाथ रहे; परन्तु अपनी प्रजा पर नहीं, कि वे त्राहि-त्राहि करें।

18 तब यहोवा के दूत ने गाद को दाऊद से यह कहने की आज्ञा दी, कि दाऊद चढ़कर यबूसी ओर्नान के खलिहान में यहोवा के लिथे एक वेदी बनाए।

19 और दाऊद गाद के उस वचन के अनुसार जो उस ने यहोवा के नाम से कहा या, चढ़ गया।

20 ओर्नान गेहूँ और उसके चार पुत्र अपके संग दाँवने लगा; और ओर्नान ने मुड़कर उस दूत को देखा, और वे छिप गए।

21 और जब दाऊद ओर्नान को आया, तब ओर्नान ने दृष्टि करके दाऊद को देखा, और खलिहान से निकलकर भूमि पर मुंह करके दाऊद को दण्डवत् किया।

22 तब दाऊद ने ओर्नान से कहा, इस खलिहान का स्थान मुझे दे, कि मैं उस में यहोवा के लिथे एक वेदी बनाऊं; तू उसका पूरा दाम मुझे देना; ताकि प्लेग लोगों से दूर रहे।

23 ओर्नान ने दाऊद से कहा, अपके पास ले जा, और मेरा प्रभु राजा वही करे जो उसकी दृष्टि में भला हो; देख, मैं तुझे होमबलि के लिये बैल, और काठ के लिये खलिहान, और अन्नबलि के लिये गेहूँ भी देता हूं; मैं यह सब देता हूं।

24 और राजा दाऊद ने ओर्नान से कहा, नहीं; परन्तु मैं उसे पूरी कीमत पर मोल लूंगा; क्‍योंकि जो कुछ तेरा है वह मैं यहोवा के लिथे न लूंगा, और न होमबलि को बिना दाम के चढ़ाऊंगा।

25 तब दाऊद ने ओर्नान को उस स्यान के लिथे तौल के अनुसार छ: सौ शेकेल सोना दिया।

26 तब दाऊद ने वहां यहोवा के लिथे एक वेदी बनाई, और होमबलि और मेलबलि चढ़ाकर यहोवा को पुकारा; और उस ने स्वर्ग से होमबलि की वेदी पर आग लगाकर उसको उत्तर दिया।

27 और यहोवा ने दूत को आज्ञा दी; और उस ने अपक्की तलवार उसके म्यान में फिर धर दी।

28 उस समय जब दाऊद ने देखा, कि यहोवा ने यबूसी ओर्नान के खलिहान में उसकी सुन ली है, तब उस ने वहां बलि दी।

29 क्योंकि उस समय यहोवा का निवासस्थान जो मूसा ने जंगल में बनाया या, और होमबलि की वेदी उस समय गिबोन के ऊंचे स्थान पर थे।

30 परन्तु दाऊद उसके आगे आगे परमेश्वर से पूछने न जा सका; क्योंकि वह यहोवा के दूत की तलवार से डर गया था। 


अध्याय 22

दाऊद मन्दिर के निर्माण की तैयारी करता है - वह सुलैमान को निर्देश देता है।

1 तब दाऊद ने कहा, यह यहोवा परमेश्वर का भवन है, और यह इस्राएल के लिथे होमबलि की वेदी है।

2 और दाऊद ने आज्ञा दी, कि इस्राएल देश में परदेशियोंको इकट्ठा करो, और परमेश्वर का भवन बनाने के लिथे पत्यर तराशने के लिथे राजमिस्त्री ठहराए।

3 और दाऊद ने फाटकोंके फाटकोंके कीलोंके लिथे, और बन्धनोंके लिथे बहुत लोहा तैयार किया; और पीतल बिना तौल के बहुतायत में;

4 देवदार के वृक्ष भी बहुतायत में हैं; सीदोनियों और सोर के लोगों ने दाऊद के पास बहुत सी देवदार की लकड़ी लायी।

5 तब दाऊद ने कहा, मेरा पुत्र सुलैमान जवान और कोमल है, और जो भवन यहोवा के लिथे बनाया जाएगा वह सब देशोंमें अति भव्य, शोभा और महिमा का हो; इसलिए अब मैं इसकी तैयारी करूंगा। इस प्रकार दाऊद ने अपनी मृत्यु से पहिले बहुतायत से तैयारी की।

6 तब उस ने अपके पुत्र सुलैमान को बुलवाकर आज्ञा दी, कि इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के लिथे एक भवन बनाए।

7 तब दाऊद ने सुलैमान से कहा, हे मेरे पुत्र, अपके परमेश्वर यहोवा के नाम का भवन बनाने का मन तो मेरे मन में था।

8 परन्तु यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा, कि तू ने बहुत लोहू बहाया, और बड़े बड़े युद्ध किए हैं; मेरे नाम का भवन न बनाना, क्योंकि तू ने मेरे साम्हने पृय्वी पर बहुत लोहू बहाया है।

9 सुन, तेरे एक पुत्र उत्‍पन्‍न होगा, जो विश्‍वास करनेवाला होगा; और मैं उसको उसके चारोंओर के शत्रुओं से विश्राम दूंगा, क्योंकि उसका नाम सुलैमान होगा, और उसके दिनोंमें मैं इस्राएल को शान्ति और चैन दूंगा।

10 वह मेरे नाम का भवन बनाएगा; और वह मेरा पुत्र ठहरेगा, और मैं उसका पिता ठहरूंगा; और मैं उसके राज्य का सिंहासन इस्राएल पर सदा के लिये स्थिर करूंगा।

11 अब, हे मेरे पुत्र, यहोवा तेरे संग रहे; और अपके परमेश्वर यहोवा के भवन को जैसा उस ने तेरे विषय में कहा है, वैसा ही बनाना।

12 केवल यहोवा ही तुझे बुद्धि और समझ दे, और इस्राएल के विषय में तुझे आज्ञा दे, कि तू अपके परमेश्वर यहोवा की व्यवस्या का पालन करे।

13 यदि तू उन विधियों और नियमों को मानने के लिये चौकसी करे, जो यहोवा ने इस्राएल के विषय में मूसा को दी हैं, तो तू सुफल होगा; मजबूत बनो, और अच्छे साहस के हो; न डरो, न घबराओ।

14 अब सुन, मैं ने अपके संकट में यहोवा के भवन के लिथे एक लाख किक्कार सोना, और एक हजार किक्कार चान्दी तैयार की है; और पीतल और लोहे का भार रहित; क्योंकि वह बहुतायत में है; मैं ने लकड़ी और पत्थर भी तैयार किए हैं; और तू उसमें कुछ और बढ़ा सकता है।

15 और तेरे संग बहुत से काम करनेवाले, काटनेवाले, और पत्थर और लकड़ी बनानेवाले, और सब प्रकार के काम करनेवाले सब प्रकार के धूर्त हैं।

16 सोना, चान्दी, पीतल, और लोहे में से कोई अंक नहीं है। सो उठो, और करो, और यहोवा तुम्हारे संग रहे।

17 दाऊद ने इस्राएल के सब हाकिमोंको अपके पुत्र सुलैमान की सहायता करने की आज्ञा भी दी, और कहा,

18 क्या तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग नहीं है? और क्या उस ने तुझे चारों ओर से चैन नहीं दिया? क्योंकि उस ने देश के निवासियोंको मेरे हाथ कर दिया है; और देश यहोवा और उसकी प्रजा के साम्हने वश में हो गया है।

19 अब अपके मन और प्राण को अपके परमेश्वर यहोवा की खोज में लगा दे; इसलिथे उठ, और यहोवा परमेश्वर का पवित्रस्थान बनाना, कि यहोवा की वाचा का सन्दूक, और परमेश्वर के पवित्र पात्र उस भवन में जो यहोवा के नाम के लिथे बनाया जाएगा, ले आना। 


अध्याय 23

दाऊद ने सुलैमान को राजा बनाया - लेवियों का पद। 

1 सो जब दाऊद बूढ़ा हो गया, और तृप्त हो गया, तब उस ने अपके पुत्र सुलैमान को इस्राएल का राजा ठहराया।

2 और उस ने इस्राएल के सब हाकिमोंऔर याजकोंऔर लेवियोंको इकट्ठा किया।

3 लेवीय तीस वर्ष के वा उस से अधिक अवस्या के गिने गए; और उनके गिने हुए पुरूष एक एक करके अड़तीस हजार थे।

4 उन में से चौबीस हजार यहोवा के भवन के काम को ठहराने वाले थे; और छ: हजार अधिकारी और न्यायी थे;

5 और चार हजार कुली थे; और उसके द्वारा स्तुति करने के लिथे दाऊद ने कहा, चार हजार ने यहोवा की स्तुति की है, जो मैं ने बनाया है।

6 और दाऊद ने उन को लेवी के वंश में बांट दिया, अर्थात् गेर्शोन, कहात और मरारी।

7 गेर्शोनियों में से लादान और शिमी थे।

8 लादान की सन्तान; मुख्य यहीएल, जेताम, और योएल, तीन थे।

9 शिमी के पुत्र; शलोमीत, हजीएल, हारान, तीन। ये लादान के पितरों के प्रधान थे।

10 और शिमी के पुत्र थे, यहत, सीना, यूश और बरीआ। ये चारों शिमी के पुत्र थे।

11 और यहत प्रधान था, और जीजा दूसरा; परन्तु यूश और बरीआ के बहुत बेटे न थे; इस कारण वे अपके पिता के घराने के अनुसार एक ही हिसाब में थे।

12 कहात के पुत्र; अम्राम, यिसहार, हेब्रोन, और उज्जीएल, चार।

13 अम्राम के पुत्र; हारून और मूसा; और हारून अलग हो गया, कि वह अपके पुत्रों समेत परमपवित्र वस्तुओं को सदा के लिथे पवित्र करे, कि यहोवा के साम्हने धूप जलाए, और उसकी सेवा टहल करे, और उसके नाम से सदा आशीष देते रहे।

14 अब परमेश्वर के भक्त मूसा के विषय में उसके पुत्रों के नाम लेवी के गोत्र में से रखे गए।

15 मूसा के पुत्र गेर्शोम और एलीएजेर थे।

16 गेर्शोम के वंश में से शबूएल प्रधान था।

17 और एलीएजेर के पुत्र थे, मुख्य रहब्याह। और एलीएजेर के और कोई पुत्र न हुआ; परन्तु रहब्याह के पुत्रा बहुत थे।

18 यिसहार के वंश में से; प्रमुख शलोमीत।

19 हेब्रोन के वंश में से; पहला यरीयाह, दूसरा अमर्याह, तीसरा यहजीएल और चौथा यकमाम।

20 उज्जीएल के वंश में से; पहला मीका और दूसरा यशायाह।

21 मरारी के पुत्र; महली, और मुशी। महली के पुत्र; एलीआजर, और कीश।

22 और एलीआजर मर गया, और उसके कोई पुत्र न हुआ, केवल बेटियाँ; और वहाँ कीश के पुत्रों ने उन्हें ले लिया।

23 मूशी के पुत्र; महली, एदेर, और यरेमोत, तीन।

24 अपने पितरों के घराने के अनुसार लेवी के ये पुत्र हुए; और पितरों के घरानों के प्रधान अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके नाम से गिने गए, तौभी वे बीस वर्ष वा उस से ऊपर तक यहोवा के भवन की उपासना का काम करते रहे।

25 क्योंकि दाऊद ने कहा, इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने अपक्की प्रजा को विश्रम दिया है, कि वे यरूशलेम में सदा बसे रहें;

26 और लेवियोंको भी; वे फिर निवासस्थान, और उसकी सेवा के लिथे उसका कोई पात्र न ले जाएं।

27 क्योंकि दाऊद की अंतिम बातोंके अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्या के लेवीय गिने गए;

28 क्योंकि उनका काम हारून की सन्तान की बाट जोहते रहना था, कि यहोवा के भवन, आंगनों, और कोठरियोंमें, और सब पवित्र वस्तुओं को शुद्ध करने, और भवन की उपासना के काम में सेवा टहल करे। भगवान;

29 और दिखाने की रोटियां, और अन्नबलि का मैदा, और अखमीरी रोटियां, और तवा में पकाई हुई सब वस्तुएं, और सब प्रकार के नाप और नाप के लिथे;

30 और हर भोर को यहोवा का धन्यवाद और स्तुति करने के लिथे खड़ा होना, और इसी प्रकार सांझ को भी;

31 और सब्त के दिनों, अमावस्या और पर्वों के दिनों में सब होमबलियों को यहोवा के साम्हने उस आज्ञा के अनुसार जो उन्हें आज्ञा दी गई है, गिनती के अनुसार चढ़ाना;

32 और वे मिलापवाले तम्बू की, और पवित्रास्थान की, और अपके भाइयोंहारून की सन्तान की जो आज्ञा यहोवा के भवन की उपासना में मानी जाती रहे, उन की रझा करे। 

अध्याय 24

हारून के पुत्रों के दल।

1 हारून की सन्तान के दल ये ही हैं। हारून के पुत्र; नादाब और अबीहू, एलीआजर और ईतामार।

2 परन्तु नादाब और अबीहू अपने पिता के साम्हने मर गए, और उनके कोई सन्तान न हुआ; इसलिए एलीआजर और ईतामार ने याजक के काम को अंजाम दिया।

3 और दाऊद ने एलीआजर के वंश में से सादोक, और ईतामार के वंश में से अहीमेलक, दोनोंको अपके अपके अपके अपके अपके काम के लिथे बांट दिया।।

4 और एलीआजर की सन्तान में से ईतामार की सन्तान से अधिक प्रधान पुरुष मिले; और इस प्रकार वे विभाजित हो गए। एलीआजर के वंश में अपके पितरोंके घरानोंके सोलह प्रधान पुरूष हुए, और ईतामार के वंश में अपके पितरोंके घरानोंके अनुसार आठ मुख्य पुरूष हुए।

5 इस प्रकार चिट्ठी डालकर वे एक जाति से दूसरे जाति में बांटे गए; क्योंकि पवित्रस्थान के हाकिम और परमेश्वर के भवन के हाकिम एलीआजर और ईतामार की सन्तान में से थे।

6 और नतनेल शास्त्री के पुत्र शमायाह ने जो लेवियोंमें से एक था, उन को राजा, और हाकिमों, और सादोक याजक, और एब्यातार के पुत्र अहीमेलेक, और याजकोंऔर लेवियोंके पितरोंके मुख्य प्रधानोंके साम्हने लिखा; एक प्रधान घराने को एलीआजर के लिथे, और एक को ईतामार के लिथे ले लिया गया।

7 पहिली चिट्ठी यहोयारीब के, और दूसरी यदायाह के लिथे निकली,

8 तीसरा हारीम का, चौथा सोरीम का,

9 पांचवां मल्किय्याह का, छठा मिय्यामीन का,

10 सातवां हक्कोस का, आठवां अबिय्याह का,

11 नौवां येशूह का, दसवां शकन्याह का,

12 ग्यारहवां एल्याशीब का, बारहवां याकीम का,

13 हुप्पा के तेरहवें, यशेबाब के चौदहवें,

14 पन्द्रहवां बिल्गा को, सोलहवां इम्मेर को,

15 सत्रहवां हिजीर का, अठारहवां अप्सेस का,

16 उन्नीसवीं पतह्याह के, बीसवीं यहेजकेल के,

17 एक बीसवीं याकीन की, दो बीसवीं गमुल की,

18 दलायाह के बत्तीसवें, माज्याह के चौबीसवें।

19 जो आज्ञा अपके अपके पिता हारून के आधीन अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके काम करनेके लिथे यहोवा के भवन में करने की य है, जैसे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने उसको आज्ञा दी या।।

20 और लेवी के शेष पुत्र ये थे; अम्राम के वंश में से; शुबेल; शूबेल के पुत्रों में से; जेहदैया।

21 रहब्याह के विषय में; रहब्याह के वंश में से पहला यिश्शिय्याह या।

22 यिसहारियों में से; शेलोमोथ; शलोमोत के वंश में से; जहत।

23 और हेब्रोन के पुत्र; पहला यरीयाह, दूसरा अमर्याह, तीसरा यहजीएल, चौथा यकमाम।

24 उज्जीएल के वंश में से; मीकाह; मीका के पुत्रों में से; शमीर।

25 मीका का भाई यिश्शिय्याह था; यिश्याह के वंश में से; जकर्याह।

26 मरारी के पुत्र महली और मूशी थे; याज्याह के पुत्र; बेनो।

27 मरारी के पुत्र याज्याह से हुए; बेनो, और शोहम, और जक्कूर, और इब्री।

28 महली में से एलीआजर आया, जिसके कोई पुत्र न था।

29 कीश के विषय में; कीश का पुत्र यरहमेल था।

30 मूशी के पुत्र भी; महली, एदेर, और यरीमोत। लेवियों के पुत्र अपके पितरों के घराने के अनुसार ये ही हुए।

31 इसी प्रकार उन्होंने अपने भाइयों हारून की सन्तान के विरुद्ध राजा दाऊद, सादोक, और अहीमेलेक, और याजकोंऔर लेवियोंके पितरोंके मुख्य प्रधानोंके साम्हने चिट्ठियां डालीं, वरन अपके छोटे भाइयोंके साम्हने पितरोंके प्रधान भी। 


अध्याय 25

गायकों की संख्या।

1 फिर दाऊद और सेना के प्रधान आसाप, और हेमान, और यदूतून की सन्तान के लिथे सेवा के लिथे अलग हो गए, जो वीणा बजाते, और सितार, और झांझ बजाते हुए भविष्यद्वाणी करते थे; और काम करने वालों की गिनती उनकी सेवा के अनुसार थी;

2 आसाप की सन्तान में से; आसाप के पुत्र जक्कूर, यूसुफ, नतन्याह, और असरेला, जो आसाप के हाथ में थे, और वे राजा की आज्ञा के अनुसार नबूवत करते थे।

3 यदूतून के; यदूतून के पुत्र; छ: गदल्याह, सरी, यशायाह, हशब्याह, और मत्तित्याह, छ: ये अपके पिता यदूतून के हाथ में थे, जो यहोवा की स्तुति करने और धन्यवाद देने के लिथे वीणा बजाते हुए नबूवत करते थे।

4 हेमान का; हेमान के पुत्र; बुक्किय्याह, मत्तन्याह, उज्जीएल, शबूएल, यरीमोत, हनन्याह, हनानी, एल्याता, गिद्दलती, रोममतीएजेर, योशबकाशा, मलोती, होतीर और महस्योत;

5 ये सब परमेश्वर के वचन के अनुसार राजा के दशीं हेमान के पुत्र थे, कि सींग को ऊंचा करें। और परमेश्वर ने हेमान को चौदह बेटे और तीन बेटियां दीं।

6 ये सब राजा की आज्ञा के अनुसार जो आसाप, यदूतून और हेमान को दी गई थी, परमेश्वर के भवन की उपासना के लिथे यहोवा के भवन में गाने के लिथे झांझ, सारंगी, और वीणा लिए हुए अपके अपके पिता के हाथ में रहे।।

7 और जितने धूर्त थे, वे सब की गिनती अपके अपके भाइयों समेत जो यहोवा के गीत गाते थे, दो सौ अट्ठारह थे।

8 और उन्होंने चिट्ठी डाली, कि क्या छोटे, क्या बड़े, और शिक्षक को विद्वान माना जाए।

9 अब पहली चिट्ठी आसाप के लिथे यूसुफ के लिथे निकली; दूसरा गदल्याह का, जिसके संग उसके भाई और पुत्र बारह थे;

10 जक्कूर के पुत्र और उसके भाई, वह बारह थे;

11 उसके पुत्र और उसके भाई यिज्री के चौथे पुत्र बारह थे;

12 नतन्याह के पांचवे पुत्र, और उसके भाई, बारह थे;

13 और बुक्किय्याह के छठवें पुत्र, और उसके भाई, बारह थे;

14 यशरेला के सातवें पुत्र, और उसके भाई, बारह थे;

15 यशायाह के आठवें पुत्र, और उसके भाई, बारह थे;

16 मत्तन्याह के नौवें पुत्र, और उसके भाई, बारह थे;

17 शिमी का दसवां, उसके पुत्र और उसके भाई बारह थे;

18 अजरेल के ग्यारहवें पुत्र, और उसके भाई, बारह थे;

19 हशब्याह के बारहवें पुत्र, और उसके भाई, बारह थे;

20 शूबाएल के तेरहवें पुत्र, और उसके भाई, बारह थे;

21 मत्तित्याह के चौदहवें पुत्र, और उसके भाई, बारह थे;

22 यरेमोत के पन्द्रहवें पुत्र, और उसके भाई, बारह थे;

23 हनह्याह के सोलहवें पुत्र, और उसके भाई, बारह थे;

24 योशबकाशा के सत्रहवें पुत्र, और उसके भाई, बारह थे;

25 हनानी के अठारहवें पुत्र, और उसके भाई, बारह थे;

26 मल्लोती के नाम पर उन्नीसवीं, उसके पुत्र और उसके भाई बारह थे;

27 और एल्याता के बीसवें पुरूष, और उसके पुत्र और उसके भाई बारह थे;

28 होतीर के एक बीसवें पुत्र, और उसके भाई, बारह थे;

29 गिद्दलती के सन्तान और उसके भाई बारह थे;

30 और महास्योत के सन्तान और उसके भाई बारह थे;

31 रोममती-एजेर के सन्तान और उसके भाई, वे चौबीसवें बारह थे। 


अध्याय 26

द्वारपालों का दल चिट्ठी के द्वारा ठहराए गए फाटक - भण्डारों के अधिकारी लेवीय अधिकारी और न्यायी।

1 कुलियों के दल के विषय में; कोरहियों में से आसाप के वंश में से कोरे का पुत्र मशेलेम्याह या।

2 और मशेलेम्याह के पुत्र ये थे, जेठा जकर्याह, दूसरा यदीएल, तीसरा जबद्याह, चौथा यतनीएल,

3 पांचवां एलाम, छठा यहोहानान, सातवां एल्योएनै।

4 फिर ओबेदेदोम के पुत्र ये हुए: जेठा शमायाह, दूसरा यहोजाबाद, तीसरा योआह, चौथा साकार, और पांचवां नतनेल,

5 छठा अम्मीएल, सातवां इस्साकार, आठवां पुलतै; क्योंकि परमेश्वर ने उसे आशीष दी है।

6 और उसका पुत्र शमायाह के भी पुत्र उत्पन्न हुए, जो अपके पिता के घराने में राज्य करते थे; क्योंकि वे शूरवीर थे।

7 शमायाह के पुत्र; ओत्नी, रपाएल, ओबेद, एलजाबाद, जिनके भाई बलवन्त थे, अर्यात् एलीहू और समख्याह।

8 ये सब ओबेदेदोम के वंश के थे; वे और उनके बेटे और उनके भाई, जो सेवा के लिए ताकतवर थे, साठ और ओबेदेदोम के दो थे।

9 और मशेलेम्याह के अठारह पुत्र और भाई थे, जो बलवान थे।

10 और मरारियों में से होसा के भी पुत्र उत्पन्न हुए; सिमरी प्रधान, (यद्यपि वह जेठा न था, तौभी उसके पिता ने उसको प्रधान ठहराया;)

11 दूसरा हिल्किय्याह, तीसरा तबल्याह, चौथा जकर्याह; होसा के सब पुत्र और भाई तेरह थे।

12 इन में से द्वारपालोंके दल थे, अर्यात् प्रधान पुरूषोंमें से, जो यहोवा के भवन में सेवा टहल करने के लिथे आपस में लड़नेवाले थे।

13 और उन्होंने छोटे, क्या बड़े, अपने पितरोंके घरानोंके अनुसार सब फाटकोंके लिथे चिट्ठी डाली।

14 और चिट्ठी पूर्व की ओर शेलेम्याह के लिथे गिरी। तब उन्होंने उसके पुत्र जकर्याह के लिथे जो बुद्धिमान युक्ति करनेवाला या, चिट्ठी डाली; और उसका चिट्ठा उत्तर की ओर निकला।

15 ओबेदेदोम को दक्खिन की ओर; और उसके पुत्रोंके लिथे असुप्पीम का घराना।

16 शुप्पीम और होसा के लिथे चिट्ठी पच्छिम की ओर निकली, और शल्लेकेत फाटक, जो चढ़ाई के मार्ग से लगा हुआ था, और जो उसके साम्हने थे।

17 पूर्व की ओर छ: लेवीय, उत्तर की ओर दिन में चार, दक्खिन की ओर दिन में चार, और असुप्पीम की ओर दो और दो थे।

18 पश्‍चिम की ओर परबार में, चार मार्ग पर, और दो परबार में।

19 कोरे और मरारी के वंश में द्वारपालोंके दल ये हैं।

20 और लेवियों में से अहिय्याह परमेश्वर के भवन के भण्डारों का, और अर्पण की हुई वस्तुओं के भण्डारों का अधिकारी हुआ।

21 लादान के पुत्रों के विषय में; गेर्शानी लादान के पुत्र, मुख्य पितरोंके पुत्र, अर्यात् गेर्शोनवासी लादान के वंश में से यहीएली थे।

22 यहीएली के पुत्र; जेताम, और उसका भाई योएल, जो यहोवा के भवन के भण्डारों के अधिकारी थे।

23 अम्रामियों, यिसहारियों, हेब्रोनी, और उज्जीएलियोंमें से;

24 और मूसा का पोता गेर्शोम का पुत्र शबूएल भण्डारोंका प्रधान या।

25 और उसके भाई एलीएजेर द्वारा; उसका पुत्र रहब्याह, उसका पुत्र यशायाह, और उसका पुत्र योराम, और उसका पुत्र जिक्री, और उसका पुत्र शलोमीत;

26 जो अर्पण की हुई वस्तुओं के सब भण्डारों के ऊपर शलोमीत और उसके भाई थे, जिन्हें दाऊद राजा, और पितरों के प्रधान, हजार और शतपतियों के प्रधानों, और सेना के प्रधानों ने अर्पण किया था।

27 युद्धों में जीती हुई लूट में से उन्होंने यहोवा के भवन की रखवाली करने के लिथे दान किया।

28 और जो कुछ शमूएल ददर्शी, और कीश के पुत्र शाऊल, नेर के पुत्र अब्नेर, और सरूयाह के पुत्र योआब ने समर्पित किया था; और जिस किसी ने कुछ समर्पित किया था, वह शलोमीत और उसके भाइयों के हाथ में था।

29 यिसहारियों में से कनन्याह और उसके पुत्र इस्राएल के बाहरी काम के लिथे हाकिमों और न्यायियों के लिथे थे।

30 और हेब्रोनियोंमें से हशब्याह और उसके भाई जो एक हजार सात सौ शूरवीर थे, वे यहोवा के सब कामोंमें और राजा की सेवा में यरदन की इस पार पश्चिम की ओर इस्त्राएलियोंमें से अधिकारी थे।

31 हेब्रोनियोंमें से यरिय्याह प्रधान, अर्यात् हेब्रोनियोंमें से अपके पितरोंकी पीढ़ी पीढ़ी में से या। दाऊद के राज्य के चालीसवें वर्ष में वे ढूंढ़े गए, और उन में गिलाद के याजेर में शूरवीर पाए गए।

32 और उसके भाई जो शूरवीर थे, वे दो हजार सात सौ पुरूष थे, जिन्हें राजा दाऊद ने रूबेनियों, गादियों, और मनश्शे के आधे गोत्र पर परमेश्वर के सब कामों, और राजा के कामों के लिथे प्रधान ठहराया। 


अध्याय 27

बारह सेनापति - बारह गोत्रों के हाकिम।

1 इस्त्राएलियोंके अपके अपके अपके अपके अपके पितरोंऔर प्रधानोंऔर शतपतियों, और अपके हाकिमों, जो हर एक महीने में हर एक महीने में आकर राजा की सेवा करते रहे, और जो हर एक महीने में आते-जाते रहे। वर्ष के, प्रत्येक पाठ्यक्रम के चौबीस हजार थे।

2 पहिले महीने के लिये पहिले दल का अधिकारी जब्दीएल का पुत्र याशोबाम था; और उसके दल में चौबीस हजार थे।

3 पेरेस की सन्तान में से पहिले महीने तक सेना के सब प्रधानोंका प्रधान हुआ।

4 और दूसरे महीने का अधिकारी दोदै अहोही या, और उसके दल का प्रधान मिकलोत भी या; उसके मार्ग में भी वैसे ही चौबीस हजार थे।

5 तीसरे महीने सेना का तीसरा प्रधान यहोयादा का पुत्र बनायाह याजक याजक था; और उसके दल में चौबीस हजार थे।

6 बनायाह यह है, जो तीसोंमें और तीसोंसे अधिक शक्तिशाली था; और उसके पाठ्यक्रम में उसका पुत्र अम्मीजाबाद था।

7 चौथे महीने के लिथे चौथा सेनापति योआब का भाई असाहेल, और उसके पीछे उसका पुत्र जबद्याह या; और उसके दल में चौबीस हजार थे।

8 पांचवें महीने के लिथे पांचवां सेनापति यिज्राही शम्हूत या; और उसके दल में चौबीस हजार थे।

9 छठवें महीने के लिथे छठा सेनापति तकोई इक्केश का पुत्र ईरा या; और उसके दल में चौबीस हजार थे।

10 सातवें महीने के लिथे सातवां सेनापति एप्रैमियोंमें से पलोनी हेलेज या; और उसके दल में चौबीस हजार थे।

11 आठवें महीने के लिथे आठवां सेनापति जरहियोंमें से हूशावासी सिब्बकै था; और उसके दल में चौबीस हजार थे।

12 नौवें महीने के लिथे नौवां सेनापति बिन्यामीनियोंमें से अबीएजेर अनेहोती या; और उसके दल में चौबीस हजार थे।

13 दसवें महीने के लिथे दसवां सेनापति जरहियोंमें से नतोपावासी महरै था; और उसके दल में चौबीस हजार थे।

14 ग्यारहवें महीने के लिथे ग्यारहवां प्रधान एप्रैमियोंमें से बनायाह पिरातोनवासी था; और उसके दल में चौबीस हजार थे।

15 बारहवें महीने के लिथे बारहवां सेनापति ओत्नीएल का नतोपावासी हेल्दै या; और उसके दल में चौबीस हजार थे।

16 इसके अलावा इस्राएल के गोत्रों पर भी; रूबेनियों का प्रधान जिक्री का पुत्र एलीएजेर था; शिमोनियों में से माका का पुत्र शपत्याह;

17 लेवियों में से कमूएल का पुत्र हशब्याह; हारूनियों में से सादोक;

18 यहूदा में से एलीहू, दाऊद के भाइयोंमें से एक; इस्साकार से मीकाएल का पुत्र ओम्री;

19 जबूलून में से ओबद्याह का पुत्र इश्मायाह; नप्ताली में से अज्रीएल का पुत्र यरीमोत;

20 एप्रैम के वंश में से अजज्याह का पुत्र होशे; मनश्शे के आधे गोत्र में से पदायाह का पुत्र योएल;

21 गिलाद के मनश्शे के आधे गोत्र में से जकर्याह का पुत्र इद्दो; बिन्यामीन से अब्नेर का पुत्र यासील।

22 दान की सन्तान यरोहाम का पुत्र अजरेल। ये इस्राएल के गोत्रों के हाकिम थे।

23 परन्तु दाऊद ने उन की गिनती बीस वर्ष वा उस से कम की न ली; क्योंकि यहोवा ने कहा था कि वह इस्राएल को आकाश के तारोंके समान बढ़ा देगा।

24 सरूयाह का पुत्र योआब गिनने लगा, तौभी वह समाप्त न हुआ, क्योंकि इस्त्राएल पर उसका कोप भड़क उठा; और वह गिनती राजा दाऊद के इतिहास के लेखे में नहीं लिखी गई।

25 और राजा के भण्डार का अधिकारी अदील का पुत्र अजमावेत या; और खेतों में, और नगरोंमें, और गांवोंमें, और गढ़ोंके भण्डारोंका अधिकारी उज्जिय्याह का पुत्र यहोनातान या;

26 और जो लोग भूमि की जुताई का काम करते थे, उनका अधिकारी कलूब का पुत्र एज्री था;

27 और दाख की बारी का अधिकारी रेमाती शिमी या; दाख की बारियों की वृद्धि का अधिकारी शिपमी जब्दी था;

28 और जलपाई और गूलर के वृक्षों का अधिकारी जो नीचे के अराबा में थे, गदेरी बाल्हानान था; और तेल के भण्डारों का अधिकारी योआश था;

29 और शारोन में चरनेवाले गाय-बैलोंका अधिकारी शारोनी शित्राई या; और तराई में के गाय-बैल का अधिकारी अदलै का पुत्र शापात या;

30 ऊंटों का अधिकारी इश्माएली ओबिल भी था; और गदहों पर मेरोनोती यदियाह या;

31 और भेड़-बकरियोंका अधिकारी याजीस हगरी था। ये सब उस वस्‍तु के अधिपति थे जो दाऊद राजा की थी।

32 और योनातान दाऊद का चाचा एक युक्ति करनेवाला, और एक बुद्धिमान और एक शास्त्री था; और हक्मोनी का पुत्र यहीएल राजपुत्रोंके संग या;

33 और अहीतोपेल राजा का सलाहकार या; और अर्ही हूशै राजा का संगी था;

34 और अहीतोपेल के बाद बनायाह का पुत्र यहोयादा और एब्यातार हुआ; और राजा की सेना का सेनापति योआब था। 


अध्याय 28

दाऊद परमेश्वर का भय मानने का उपदेश देता है — वह सुलैमान को मन्दिर बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।

1 और दाऊद ने इस्राएल के सब हाकिमों, गोत्रोंके हाकिमों, और दल के प्रधानोंको जो नि:सन्देह राजा की सेवा टहल करते थे, और हजारों प्रधानोंको, और शतपतियोंके प्रधानोंको, और सब सम्पत्ति के भण्डारियोंको इकट्ठा किया। और राजा, और उसके पुत्रों, हाकिमों, और शूरवीरों, और सब शूरवीरों समेत यरूशलेम तक की निज भूमि हो गई।

2 तब दाऊद राजा अपके पांवोंके बल खड़ा होकर कहने लगा, हे मेरे भाइयो, और मेरी प्रजा, मेरी सुन; यहोवा की वाचा के सन्दूक, और अपके परमेश्वर के पावोंकी चौकी के लिथे मैं ने मन ही मन मन में विश्राम का भवन बनाया, और भवन के लिथे तैयार किया था;

3 परन्‍तु परमेश्वर ने मुझ से कहा, तू मेरे नाम का भवन न बनाना, क्‍योंकि तू योद्धा हुआ है, और उस ने लोहू बहाया है।

4 तौभी इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने मुझे मेरे पिता के सारे घराने के साम्हने चुन लिया, कि मैं सदा इस्राएल का राज्य करूं; क्योंकि उस ने यहूदा को प्रधान होने के लिये चुन लिया है; और यहूदा के घराने से, जो मेरे पिता का घराना या; और मेरे पिता की सन्तानोंमें से उस ने मुझ को पसन्द किया, कि मुझे सारे इस्राएल का राजा बना दे;

5 और मेरे सब पुत्रोंमें से (क्योंकि यहोवा ने मुझे बहुत से पुत्र दिए हैं) उस ने मेरे पुत्र सुलैमान को इस्राएल के ऊपर यहोवा के राज्य की गद्दी पर बैठने के लिथे चुन लिया है।

6 उस ने मुझ से कहा, तेरा पुत्र सुलैमान, मेरे भवन और आंगनोंको वही बनाएगा; क्योंकि मैं ने उसको अपना पुत्र होने के लिये चुन लिया है, और मैं उसका पिता ठहरूंगा।

7 और यदि वह मेरी आज्ञाओं और मेरे नियमोंका पालन करता रहे, जैसा कि आज के दिन होता है, तो मैं उसका राज्य सदा स्थिर करूंगा।

8 सो अब सब इस्राएलियोंके साम्हने यहोवा की मण्डली और अपके परमेश्वर के सुननेवालोंके साम्हने अपके परमेश्वर यहोवा की सब आज्ञाओं को मानना और ढूंढ़ना; कि तुम इस अच्छे देश के अधिकारी हो, और इसे अपक्की संतानोंके लिथे सदा के लिये निज भाग करने के लिथे छोड़ दो।

9 और हे मेरे पुत्र सुलैमान, तू अपके पिता के परमेश्वर को जानो, और सिद्ध मन और इच्छा से उसकी उपासना करो; क्‍योंकि यहोवा सब के मन की जांच करता है, और सब मन की बातोंको समझता है; यदि तू उसे ढूंढ़ेगा, तो वह तुझ में से मिलेगा; परन्तु यदि तू उसे छोड़ दे, तो वह तुझे सदा के लिये त्याग देगा।

10 अब चौकस रहो; क्योंकि यहोवा ने तुझे पवित्रस्थान के लिथे भवन बनाने के लिथे चुना है; मजबूत बनो, और करो।

11 तब दाऊद ने अपके पुत्र सुलैमान को ओसारे का नमूना, और उसके भवन, और उसके भण्डारोंका, और उसकी उपरी कोठरियों, और उसकी भीतरी कोठरी, और प्रायश्चित्त के स्थान का स्वरूप दिया।

12 और जो कुछ उसके पास आत्मा के अनुसार था, उसका नमूना, यहोवा के भवन के आंगनों, और चारोंओर की सब कोठरियोंमें, और परमेश्वर के भवन के भण्डारोंमें, और अर्पण की हुई वस्तुओं के भण्डारोंमें से;

13 और याजकोंऔर लेवियोंके कामोंके लिथे, और यहोवा के भवन की उपासना के सब कामोंके लिथे, और यहोवा के भवन की सब सेवा के पात्र के लिथे।

14 उस ने सोने की वस्‍तुओं के लिथे तौलकर सोना, और सब प्रकार के सब काम के साज-सामान के लिथे दिया; और सब प्रकार के बाटोंके लिथे तौल के अनुसार चान्दी, और सब प्रकार के सब प्रकार के काम के लिथे बाट;

15 सोने के दीवटों, और उनके सोने के दीपकोंका तौल, और एक एक दीवट, और उसके दीवटोंके लिथे तौल; और दीवट के लिये तौल के अनुसार चांदी की दीवटोंके लिथे दीवट, वरन उसके दीपकोंके लिथे एक एक दीवट के काम के अनुसार हो।

16 और उस ने तौल के अनुसार तौल की रोटियोंके लिथे एक एक मेज के लिथे सोना दिया; और उसी प्रकार चान्दी की मेजोंके लिथे चान्दी भी;

17 और मांस की कांटियों, और कटोरे, और कटोरे के लिथे चोखा सोना; और सोने के कटोरे के लिथे उस ने एक एक कटोरे के लिथे तौल करके सोना दिया; और उसी प्रकार चान्दी के एक एक पात्र के लिथे तौल के अनुसार चान्दी;

18 और धूप की वेदी के लिथे तौल का चोखा सोना; और करूबोंके रय के नमूने के लिथे सोना, जिस ने अपने पंख फैलाए, और यहोवा की वाचा के सन्दूक को ढांप दिया।

19 दाऊद ने कहा, यह सब यहोवा ने मुझ पर अपने हाथ से लिखकर इस प्रकार के सब कामोंका वर्णन किया है।

20 तब दाऊद ने अपके पुत्र सुलैमान से कहा, हियाव बान्धकर और हियाव बान्धकर वैसा ही कर; डरो मत, और न डरो, क्योंकि यहोवा परमेश्वर, यहां तक कि मेरा परमेश्वर भी तेरे संग रहेगा; जब तक तू यहोवा के भवन की उपासना का सब काम पूरा न कर ले, तब तक वह तुझे धोखा न देगा, और न त्यागेगा।

21 और देखो, याजकोंऔर लेवियोंके दल परमेश्वर के भवन की सारी उपासना के लिथे तेरे संग रहेंगे; और सब प्रकार की कारीगरी के लिथे हर एक कुशल कुशल पुरूष, और किसी प्रकार की सेवा के लिथे तेरे संग रहे; हाकिम और सब प्रजा के लोग भी तेरी आज्ञा के अनुसार रहेंगे। 


अध्याय 29

दाऊद की भेंट, धन्यवाद और प्रार्थना - लोग सुलैमान को राजा बनाते हैं - दाऊद का राज्य और मृत्यु।

1 फिर दाऊद राजा ने सारी मण्डली से कहा, मेरा पुत्र सुलैमान, जिसे परमेश्वर ने अकेला चुन लिया है, अभी जवान और कोमल है, और काम बड़ा है; क्योंकि महल मनुष्य के लिये नहीं, परन्तु परमेश्वर यहोवा के लिये है।

2 अब मैं ने अपके परमेश्वर के भवन के लिथे सोने की वस्‍तुओं के लिथे सोना, और चान्दी की वस्‍तुओं के लिथे चान्दी, और पीतल की वस्‍तुओं के लिथे पीतल, और लोहे की वस्‍तुओं के लिथे लोहा, और काठ की वस्‍तुएं तैयार की हैं। लकड़ी की चीजों के लिए; गोमेद के पत्थर, और स्थापित किए जाने वाले पत्थर, चमकते हुए पत्थर, और विविध रंगों के, और सभी प्रकार के कीमती पत्थर, और संगमरमर के पत्थर बहुतायत में।

3 और इसलिथे कि मैं अपके परमेश्वर के भवन से प्रीति रखता हूं, और जो कुछ मैं ने अपके परमेश्वर के भवन के लिथे अपके परमेश्वर के भवन को दिया है, उस में से जो कुछ मैं ने अपके परमेश्वर के भवन के लिथे तैयार किया है, उस में से मेरा अपना निज धन है। पवित्र घर,

4 ओपीर के सोने में से तीन हजार किक्कार सोना, और सात हजार किक्कार शुद्ध चान्दी, घरों की शहरपनाह को मढ़ने के लिथे मोल लेना;

5 सोने की वस्‍तुओं के लिथे सोना, और चान्दी की वस्‍तुओं के लिथे चान्दी, और सब प्रकार के कामोंके लिथे जो कृतियोंके हाथ से बनाए जाएं। और फिर कौन इस दिन अपनी सेवा को यहोवा के लिये समर्पित करना चाहेगा?

6 तब पितरोंके प्रधानोंऔर इस्राएल के गोत्रोंके हाकिमोंऔर सहस्त्रोंऔर शतपतियोंने राजा के काम के हाकिमोंके संग अपनी इच्छा से बलि दी,

7 और परमेश्वर के भवन की सेवा के लिथे पांच हजार किक्कार सोना, और दस हजार किक्कार सोना, और चांदी का दस हजार किक्कार, और पीतल का अठारह हजार किक्कार, और एक लाख किक्कार लोहा दिया।

8 और जिन के पास मणि पाए गए, उन्हें गेर्शोनवासी यहीएल के हाथ यहोवा के भवन के भण्डार में दे दिया।

9 तब लोग आनन्दित हुए, क्योंकि उन्होंने स्वेच्छा से भेंट चढ़ाई, क्योंकि उन्होंने पूरे मन से यहोवा को अपनी इच्छा से चढ़ाया; और राजा दाऊद भी बड़े आनन्द से आनन्दित हुआ।

10 इस कारण दाऊद ने सारी मण्डली के साम्हने यहोवा को आशीर्वाद दिया; और दाऊद ने कहा, हे हमारे पिता इस्राएल के परमेश्वर यहोवा, तू सदा सर्वदा धन्य है।

11 हे यहोवा, महानता, और पराक्रम, और महिमा, और जय और प्रताप तेरा ही है; क्‍योंकि जो कुछ स्‍वर्ग और पृय्‍वी में है, वह सब तेरा है; हे यहोवा, तेरा राज्य तेरा है, और तू सब से अधिक प्रधान है।

12 तुझे धन और महिमा दोनों मिलती हैं, और तू सब पर राज्य करता है; और सामर्थ और पराक्रम तेरे ही हाथ में है; और बड़ा करना, और सब को बल देना तेरे ही हाथ में है।

13 सो अब हे हमारे परमेश्वर, हम तेरा धन्यवाद करते हैं, और तेरे महिमामय नाम की स्तुति करते हैं।

14 परन्तु मैं कौन हूं, और मेरी प्रजा क्या है, कि हम इस रीति से स्वेच्छा से भेंट चढ़ा सकें? क्योंकि सब कुछ तुझ से आता है, और हम ने तुझे दिया है।

15 क्‍योंकि हम भी तेरे साम्हने परदेशी और परदेशी हैं, जैसे हमारे सब पुरखा थे; पृथ्वी पर हमारे दिन छाया के समान हैं, और कोई भी स्थायी नहीं है।

16 हे हमारे परमेश्वर यहोवा, यह सारा भण्डार जो हम ने तेरे पवित्र नाम के लिथे भवन बनाने के लिथे तैयार किया है, वह तेरे हाथ से आया है, और सब तेरा ही है।

17 हे मेरे परमेश्वर, मैं भी जानता हूं, कि तू मन को परखता है, और खराई से प्रसन्न होता है। मैं ने अपने मन की खराई से इन सब वस्तुओं को स्वेच्छा से चढ़ाया है; और अब मैं ने तेरी प्रजा को जो यहां उपस्थित हैं, आनन्द से देखा है, कि अपके लिथे अपके लिथे भेंट चढ़ाएं।

18 हे इब्राहीम, इसहाक और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा, हे हमारे पुरखा, अपक्की प्रजा के मन की कल्पना में इसी को सदा बनाए रखना, और उनका मन अपके लिथे तैयार करना;

19 और अपक्की आज्ञाओं, चितौनियों, और विधियोंको मानने, और इन सब कामोंको करने, और भवन बनाने के लिथे मेरे पुत्र सुलैमान को सिद्ध मन दे, कि जिस की मैं ने व्यवस्था की है, उसका भवन बना।

20 तब दाऊद ने सारी मण्डली से कहा, अब अपके परमेश्वर यहोवा को धन्य कह। और सारी मण्डली ने अपके पितरोंके परमेश्वर यहोवा को धन्य कहा, और सिर झुकाकर यहोवा और राजा को दण्डवत किया।

21 और उन्होंने यहोवा के लिथे मेलबलि किए, और दूसरे दिन के दूसरे दिन यहोवा के लिथे होमबलि किए, अर्यात्‌ एक हजार बछड़े, और एक हजार मेढ़े, और एक हजार भेड़ के बच्चे अपके अर्घों समेत, और सब इस्राएलियोंके लिथे बहुतायत से मेलबलि किए। ;

22 और उस दिन यहोवा के साम्हने बड़े आनन्द से खाया पीया। और उन्होंने दाऊद के पुत्र सुलैमान को दूसरी बार राजा बनाया, और यहोवा के लिये उसका प्रधान राज्यपाल और सादोक का याजक होने के लिये उसका अभिषेक किया।

23 तब सुलैमान अपके पिता दाऊद के स्थान पर यहोवा की गद्दी पर राजा होकर विराजमान हुआ, और वह सफल हुआ; और सब इस्राएल ने उसकी आज्ञा मानी।

24 और सब हाकिमों, और शूरवीरों, और राजा दाऊद के सब पुत्रों ने भी राजा सुलैमान के अधीन हो गए।

25 और यहोवा ने सब इस्राएलियोंके साम्हने सुलैमान की बहुत बड़ाई की, और उसे ऐसा राजकीय प्रताप दिया, जैसा उस से पहिले इस्त्राएल में किसी राजा को न हुआ या।

26 इस प्रकार यिशै का पुत्र दाऊद सारे इस्राएल पर राज्य करता रहा।

27 और उसके इस्राएल पर राज्य करने का समय चालीस वर्ष का या; वह हेब्रोन में सात वर्ष और यरूशलेम में तैंतीस वर्ष राज्य करता रहा।

28 और वह अच्छे वृद्धावस्था में मर गया, वह दिन, धन और सम्मान से भरा हुआ था; और उसका पुत्र सुलैमान उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

29 अब पहिले और अन्त में राजा दाऊद के काम क्या हुए, वे शमूएल ददर्शी की पुस्तक में, और नातान भविष्यद्वक्ता की पुस्तक में, और गाद द दर्शी की पुस्तक में लिखे हुए हैं।

30 उसके सारे राज्य और उसके पराक्रम के साथ, और वह समय जो उस पर और इस्राएल पर, और देश देश के सभी राज्यों पर था।

शास्त्र पुस्तकालय:

खोज युक्ति

एक शब्द टाइप करें या पूरे वाक्यांश को खोजने के लिए उद्धरणों का उपयोग करें (उदाहरण के लिए "भगवान के लिए दुनिया को इतना प्यार करता था")।

The Remnant Church Headquarters in Historic District Independence, MO. Church Seal 1830 Joseph Smith - Church History - Zionic Endeavors - Center Place

अतिरिक्त संसाधनों के लिए, कृपया हमारे देखें सदस्य संसाधन पृष्ठ।